हरिद्वार, 21 जुलाई। हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर में जूना अखाड़े से जुड़े दो साधुओं की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को संदेह है कि वारदात से पहले मंदिर परिसर में शराब का सेवन किया गया था। घटना के बाद मंदिर का मुख्य पुजारी समेत कई संदिग्ध फरार हैं। पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। मंदिर परिसर में लगे सात सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिनसे कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस का दावा है कि साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
जंगल में गड्ढा खोदकर दबाए गए थे दोनों साधुओं के शव
पुलिस के अनुसार मंदिर के सेवादार पंकज ने दो साधुओं के लापता होने और अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलने पर पथरी थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
तलाशी के दौरान मंदिर से सटे जंगल में संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई गई। खुदाई में गड्ढे से दो साधुओं के शव बरामद हुए। मृतकों में एक की पहचान सेवागिरि के रूप में हुई है, जबकि दूसरे साधु की पहचान की प्रक्रिया जारी है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने सेवादार पंकज की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।
तहरीर में लगाए गए गंभीर आरोप
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार 18 जुलाई की रात मंदिर परिसर में साधु उत्तम गिरि, सेवा गिरि, अखिल गिरि, एक अन्य साधु, आशू और पंडित राममिलन सहित कई लोग मौजूद थे। आरोप है कि रात के दौरान सेवा गिरि और उत्तम गिरि शराब पी रहे थे। इसी दौरान सेवादार पंकज को धमकाया गया और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि 19 जुलाई की सुबह करीब साढ़े चार बजे पंकज ने मंदिर के समीप जंगल में उत्तम गिरि और आशू को गड्ढा खोदते देखा। इसके बाद उसे मंदिर परिसर से बाहर भेज दिया गया। बाद में अन्य लोगों से जानकारी मिली कि मंदिर में दो साधुओं की हत्या कर उनके शव जंगल में दबा दिए गए हैं।
मुख्य पुजारी समेत कई आरोपी फरार
घटना के बाद से उत्तम गिरि, अखिल गिरि, राममिलन और आशू फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस को मंदिर के मुख्य पुजारी की भूमिका पर भी संदेह है, जो वारदात के बाद से लापता है।
पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच पर टिकी उम्मीद
जांच एजेंसियां मंदिर परिसर में लगे सात सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं। इसके साथ ही घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्य पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
जूना अखाड़े से जुड़े थे दोनों साधु
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों मृतक साधु जूना अखाड़े से जुड़े हुए थे। हालांकि वे अखाड़े में स्थायी रूप से न रहकर विभिन्न मंदिरों में निवास करते थे। इस दोहरे हत्याकांड के सामने आने के बाद साधु-संत समाज में भी चिंता का माहौल है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान मिलने के बाद घटना के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता बनी हुई है।


