Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Homeउत्तराखंड न्यूज़हरिद्वारभाजपा को लक्सर में बड़ा...

भाजपा को लक्सर में बड़ा झटका, वरिष्ठ नेता प्रमोद खारी ने दिया इस्तीफा, गुर्जर समाज की उपेक्षा का लगाया आरोप

हरिद्वार, 18 जुलाई। उत्तराखंड की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी को लक्सर विधानसभा क्षेत्र से बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद खारी ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को भेजते हुए व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में उनके इस कदम को लंबे समय से चली आ रही नाराजगी और संगठन के भीतर असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।

गुर्जर समाज की उपेक्षा का लगाया आरोप

इस्तीफे के बाद प्रमोद खारी ने कहा कि राज्य सरकार में गुर्जर समाज की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनका आरोप है कि समाज से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जाता और सरकारी स्तर पर जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की बातों की अनदेखी की जाती है।

उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं को कई बार उठाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में निराशा बढ़ी है।

कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलने पर जताई नाराजगी

प्रमोद खारी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं। यदि कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलेगा और उनकी बातों को महत्व नहीं दिया जाएगा तो संगठन में बने रहने का औचित्य समाप्त हो जाता है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विकास और समाज से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। यही कारण है कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का निर्णय लिया।

लक्सर की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल

प्रमोद खारी लंबे समय से लक्सर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। विशेष रूप से गुर्जर समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में उनका इस्तीफा आगामी राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके इस्तीफे से लक्सर क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। हालांकि, प्रमोद खारी ने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं की है।

आगे की रणनीति पर बनी रहेगी नजर

भाजपा संगठन की ओर से फिलहाल इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्रमोद खारी की अगली रणनीति और राजनीतिक रुख पर सभी की नजर रहेगी, क्योंकि उनका निर्णय क्षेत्रीय राजनीति पर प्रभाव डाल सकता है।

Popular Articles