हरिद्वार, 16 जून (वेब वार्ता)। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के मामले में हरिद्वार पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने पति-पत्नी समेत तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए उनकी लग्जरी ऑडी कार को सीज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार 14 जून को वीकेंड और सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के चलते हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में विशेष ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू की गई थी। विभिन्न प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और यातायात व्यवस्थित ढंग से संचालित होता रहे।
इसी क्रम में देशरक्षक तिराहे पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनों को निर्धारित मार्ग के अनुसार बैरागी कैंप पार्किंग की ओर भेज रहे थे। इसी दौरान ऑडी कार संख्या सीजी 08 एएम 0001 वहां पहुंची। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने वाहन चालक को डायवर्जन योजना के तहत निर्धारित मार्ग से जाने के लिए कहा। आरोप है कि कार में सवार दो पुरुष और एक महिला इस बात से नाराज हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए विवाद शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की। घटना के कारण कुछ समय के लिए वहां यातायात प्रभावित हुआ और जाम जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कथित रूप से किसी की बात नहीं मानी और वहां से चले गए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर थाना कनखल में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को श्यामपुर क्षेत्र में संबंधित वाहन को चिन्हित कर रोक लिया और ऑडी कार को सीज कर दिया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में क्षतिज बाली, उनकी पत्नी तथा संकेत बाली निवासी वाणी विहार, उत्तम नगर, नई दिल्ली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



