हरिद्वार, 21 जून।
शौचालयों पर ताले और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति पर सख्त रुख, कांवड़ मेले से पहले तत्काल सुधार के निर्देश
दर्जाधारी राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने रविवार को प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर में पेयजल की कमी, साफ-सफाई की खराब स्थिति और शौचालयों पर ताले लगे होने को लेकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
मंदिर समिति और अधिकारियों को मौके पर तलब
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मंदिर प्रबंधन समिति और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मनसा देवी मंदिर देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, ऐसे में यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार आवश्यक है।
पेयजल, स्वच्छता और शौचालय व्यवस्था सुधार के निर्देश
राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर में पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। उन्होंने सभी शौचालयों को 24 घंटे खुले रखने और उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के सख्त आदेश दिए।
इसके साथ ही आगामी कांवड़ मेले को देखते हुए मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में युद्धस्तर पर सुधार करने को कहा गया, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नगर आयुक्त से की बात, कूड़ा प्रबंधन पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नगर आयुक्त से दूरभाष पर वार्ता कर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा उठान व्यवस्था को तुरंत प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जवाबदेही तय करने की चेतावनी
राज्य मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शीघ्र सुधार का आश्वासन दिया।



