हरिद्वार, 15 जून
शांतिकुंज स्थित गायत्री विद्यापीठ में आयोजित भारतीय भाषा समर कैम्प के समापन अवसर पर सांस्कृतिक संध्या में नौनिहालों ने अपनी प्रतिभा के रंग बिखेर दिए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत और आकर्षक बना दिया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ गायत्री विद्यापीठ की व्यवस्था मंडल प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों ने खूब सराहा।
नाटिकाओं और नृत्यों ने मोहा मन
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिकाओं और नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। गणेश वंदना से शुरुआत के बाद जीवन विद्या पर आधारित नाटिका में बच्चों ने संस्कार, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
विविध प्रस्तुतियों से सजी सांस्कृतिक शाम
कत्थक नृत्य ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनकर सभी का ध्यान खींचा, वहीं राजस्थानी समूह नृत्य ने लोक संस्कृति की झलक पेश की। संस्कृत संभाषण में बच्चों ने अपनी भाषायी दक्षता का परिचय दिया, जबकि नैतिक शिक्षा आधारित प्रस्तुति में जीवन मूल्यों को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया।
रचनात्मकता और सामाजिक संदेश का संगम
चित्रकला और यातायात नियमों पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया। नौनिहालों की आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन
समर कैम्प में कक्षा तीन से 11 तक के कुल 34 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस प्रकार सांस्कृतिक संध्या के साथ समर कैम्प का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जिसमें बच्चों की प्रतिभा और सृजनशीलता पूरी तरह निखरकर सामने आई।



