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‘विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू

देहरादून, 15 जून

मेरा युवा भारत (माय भारत), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत की गई है।

इस चरण में कुल 115 युवा प्रतिभागी शामिल हुए हैं, जो विभिन्न राज्यों की विविध संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली की झलक सीमांत क्षेत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

देशभर से आए युवा हुए शामिल

द्वितीय चरण में गोवा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, मणिपुर, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों से आए युवा प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं।

इन युवाओं को सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के तहत कुल 13 सीमांत गांवों का चयन किया गया है, जहां प्रतिभागी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे।

गांवों में समूहों के रूप में होगा प्रवास

प्रत्येक गांव में 7 से 8 प्रतिभागियों का एक समूह प्रवास करेगा। हर समूह के साथ एक जिला युवा अधिकारी और एक स्वयंसेवक मार्गदर्शन और समन्वय के लिए मौजूद रहेंगे।

प्रतिभागी गांवों में जनजागरूकता, सामुदायिक संवाद और विकासोन्मुख गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करेंगे। वे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी जीवनशैली, चुनौतियों और विकास संबंधी आवश्यकताओं को समझेंगे।

देहरादून से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत 14 जून को देहरादून स्थित केनोपी होटल में प्रतिभागियों की रिपोर्टिंग के साथ हुई। इसके बाद आईटीबीपी अधिकारियों ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम की अवधारणा, उद्देश्य और महत्त्व के बारे में जानकारी दी।

साथ ही आईटीबीपी शिविर में प्रवास के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और आवश्यक सावधानियों को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य परीक्षण और सीमांत क्षेत्रों के लिए रवाना

देहरादून शिविर में सभी प्रतिभागियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें सभी को स्वस्थ पाया गया। इसके बाद एक दल को उत्तरकाशी और दूसरे दल को चमोली जनपद के सीमांत गांवों के लिए रवाना किया गया।

प्रतिभागी 21 जून तक इन सीमांत गांवों में प्रवास करेंगे और स्थानीय समुदाय के साथ जुड़कर विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।

अधिकारियों ने किया प्रेरित

इस अवसर पर माय भारत देहरादून की उप निदेशक मोनिका नांदल और आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट उज्ज्वल भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने प्रतिभागियों से संवाद कर उन्हें सीमांत क्षेत्रों के महत्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सफल और सार्थक सहभागिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

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