देहरादून, 23 जून।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ऊंची इमारतों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्थलीय सर्वे कराने को कहा
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य में सभी सरकारी और गैर-सरकारी भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवेदनशील भवनों का अनिवार्य स्थलीय सर्वे
मुख्य सचिव ने सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित अधिक ऊंचाई वाले भवनों, अत्यधिक भीड़भाड़ वाले परिसरों, असुरक्षित निकासी मार्ग वाले भवनों और तंग गलियों में स्थित इमारतों का अनिवार्य रूप से स्थलीय सर्वे कराएं।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संभावित अग्नि दुर्घटनाओं के जोखिम को समय रहते पहचानकर समाप्त करना और सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है।
फायर सेफ्टी ऑडिट पर जोर
मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों और संबंधित परिसरों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराएं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी भवनों में आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण और मानक पूरी तरह लागू हों।
उन्होंने कहा कि ऑडिट के बाद सभी कमियों को तुरंत दूर किया जाए और नियमित निगरानी प्रणाली विकसित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।
जिलों में सघन निरीक्षण के निर्देश
जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में संवेदनशील भवनों और क्षेत्रों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान देने को कहा गया है जहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन कमजोर पाया जाता है।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है।
जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार ने इस अभियान के माध्यम से जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाया जा सके।



