नैनीताल, 07 जुलाई। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में भूधंसाव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कैंची धाम तहसील के बेतालघाट विकासखंड स्थित बसगांव में जमीन धंसने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। आवासीय भवनों के नीचे करीब 200 मीटर क्षेत्र में एक मीटर तक गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे दस से अधिक परिवारों के मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।
लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
मकानों के नीचे बढ़ रहा भूधंसाव
स्थानीय लोगों के अनुसार बसगांव में कई मकानों के नीचे जमीन धीरे-धीरे धंस रही है। इस कारण घरों की नींव कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर पहले से मौजूद दरारें अब और चौड़ी तथा गहरी हो गई हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब दर्जनभर मकान सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा घरों की सुरक्षा दीवारों में भी दरारें देखी गई हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
पिछले वर्ष भी सामने आई थी समस्या
जानकारी के अनुसार बसगांव में भूधंसाव और दरारों की समस्या पिछले वर्ष नवंबर में सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन उपजिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया था।
राजस्व उपनिरीक्षक मोहम्मद शकील ने टीम के साथ मौके का जायजा लिया था और स्थिति की जानकारी प्रशासन को दी गई थी। हालांकि, इसके बाद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। अब बारिश के मौसम में समस्या दोबारा गंभीर रूप में सामने आ गई है।
कोसी नदी की ओर भी बढ़ रही दरारें
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गांव के आसपास कई नए स्थानों पर दरारें विकसित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोसी नदी की दिशा से भी गांव की ओर जमीन में नई दरारें बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
इसके अलावा कुछ मकानों की छतों पर बनाए गए पेयजल टैंकों से होने वाले रिसाव को भी जमीन कमजोर होने की एक वजह माना जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
बसगांव के स्थानीय निवासियों अनूप सिंह नेगी, मोहन सिंह, दीवान सिंह, पूरन सिंह, प्रताप सिंह और लक्ष्मी दत्त नैनवाल सहित कई लोगों ने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए जल्द निरीक्षण, भूगर्भीय जांच और आवश्यक बचाव कार्य शुरू किए जाने चाहिए।
भूगर्भीय जांच के बाद सामने आएगा कारण
राजस्व उपनिरीक्षक मोहम्मद शकील ने बताया कि बसगांव में दिखाई दे रही दरारों से खतरा बढ़ने की संभावना है। मामले की विस्तृत रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा कि भूगर्भीय सर्वे के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन धंसने और दरारों के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बसगांव में बढ़ता भूधंसाव पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सामने आने वाली प्राकृतिक चुनौतियों की ओर भी संकेत कर रहा है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


