Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Homeदेश प्रमुखप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान, भारत-इंडोनेशिया के बीच कई अहम समझौते, यूपीआई सहयोग पर भी सहमति

जकार्ता, 07 जुलाई। भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज, इस्पात, कृषि और व्यापार सहित अनेक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों और अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली को जोड़ने और यूपीआई आधारित भुगतान सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

सर्वोच्च सम्मान को भारत के 140 करोड़ नागरिकों को समर्पित किया

सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि भारत के करोड़ों नागरिकों, भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक संबंधों तथा दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे विश्वास और मित्रता का सम्मान है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और अब उनके आमंत्रण पर इंडोनेशिया की यात्रा करना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव है।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई ऊर्जा, गहरा विश्वास और व्यापक सहयोग देखने को मिला है। वर्ष 2018 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब नई दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि विकास, सुरक्षा, शिक्षा, संस्कृति, तकनीक और आर्थिक सहयोग जैसे सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच तेजी से प्रगति हो रही है। उनका विश्वास है कि यह यात्रा दोनों देशों की साझेदारी के इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता विश्वास रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती दे रहा है। बैठक के दौरान रक्षा आदान-प्रदान, औद्योगिक सहयोग और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के तटरक्षक बल हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। साथ ही ब्लू इकॉनॉमी, बंदरगाह विकास और समुद्री व्यापार के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।

स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दोनों की प्राथमिकता अपने नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और गरीबी को कम करना है। भारत ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली और विद्यालय पोषण योजना से जुड़े अपने अनुभव इंडोनेशिया के साथ साझा किए हैं।

दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के तहत भारत की किफायती दवाइयों की उपलब्धता इंडोनेशिया में बढ़ेगी। इसके साथ ही भारत इंडोनेशिया के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण में भी सहयोग करेगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत में विकसित उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीजों की आपूर्ति से इंडोनेशिया की खाद्य सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और यूपीआई पर बड़ा कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इक्कीसवीं सदी तकनीक आधारित विकास की सदी है और भारत तथा इंडोनेशिया जैसे युवा देशों के लिए डिजिटल सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। नवाचार आधारित उद्यमों के बीच सहयोग को भी नई गति दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारत की यूपीआई भुगतान प्रणाली और इंडोनेशिया की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आपस में जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इससे व्यापार, पर्यटन और दोनों देशों के नागरिकों के लिए डिजिटल लेनदेन पहले से अधिक आसान होगा।

शिक्षा और कौशल विकास में नए अवसर

भारत और इंडोनेशिया ने शिक्षा क्षेत्र में सहयोग को भी नई दिशा देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु का परिसर इंडोनेशिया में स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इससे केवल इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों को उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन शिक्षा उपलब्ध होगी।

अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच दशकों पुराना सहयोग रहा है। अब संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी साझा करने और क्षमता निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण खनिज, इस्पात और दुर्लभ धातुओं की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए भी दोनों देशों ने नए समझौते किए हैं। इससे औद्योगिक विकास और विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।

सांस्कृतिक विरासत और जनसंपर्क होंगे और मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंधों की सबसे बड़ी ताकत दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं।

उन्होंने बताया कि अगले दिन राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ एक हजार वर्ष पुराने प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना का शुभारंभ किया जाएगा। यह मंदिर दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

इसके साथ ही गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की ऐतिहासिक इंडोनेशिया यात्रा के शताब्दी वर्ष को दोनों देश संयुक्त रूप से संस्कृति और शिक्षा कूटनीति वर्ष के रूप में मनाएंगे।

लोकतंत्र और वैश्विक सहयोग पर साझा दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, विविधता में एकता और कानून आधारित व्यवस्था भारत और इंडोनेशिया की साझा ताकत हैं। दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच हुए समझौते से लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच सहयोग और मजबूत होगा।

उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर दोनों देशों की सोच में व्यापक समानता है और भारत हमेशा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करता रहा है।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में संवाद और कूटनीति की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने फिलिस्तीन के मुद्दे पर दो राष्ट्र समाधान और स्थायी शांति के समर्थन को भी दोहराया।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और इंडोनेशिया की ऐतिहासिक मित्रता, साझा सांस्कृतिक विरासत और आपसी विश्वास आने वाले वर्षों में दोनों देशों को नई समृद्धि और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाएंगे।

Popular Articles