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‘प्रगति’ पहल का शुभारंभ: 20 हजार कृषि उद्यमी तैयार करेगी सरकार, 20 लाख किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य

नई दिल्ली, 07 जुलाई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ‘प्रगति’ नामक राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमी के रूप में तैयार कर 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय, उत्पादकता और आजीविका को सशक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और बाजार आधारित मॉडल को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।

किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खेती की लागत कम कर किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन और कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए केवल पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है। ऐसे किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, विपणन और उद्यमिता से जोड़ना आवश्यक है, ताकि उनकी आय के नए स्रोत विकसित हो सकें।

गांव स्तर पर तैयार होंगे कृषि उद्यमी

‘प्रगति’ पहल के तहत प्रशिक्षित कृषि उद्यमी गांवों में किसानों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। इनमें मिट्टी परीक्षण, कृषि सलाह, आधुनिक कृषि मशीनों की सुविधा, वित्तीय सहायता से जोड़ना, बाजार संपर्क उपलब्ध कराना तथा आय बढ़ाने वाले वैकल्पिक अवसरों की जानकारी देना शामिल होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आठ राज्यों में होगा कार्यक्रम का विस्तार

सरकार इस पहल को शुरुआती चरण में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड में लागू करेगी।

इन राज्यों में कृषि उद्यमियों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो गांव-गांव तक कृषि सेवाएं पहुंचाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करेंगे।

तकनीक और विविधीकरण पर रहेगा विशेष जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भविष्य की कृषि आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। उन्होंने ड्रोन, डिजिटल कृषि परामर्श, वैज्ञानिक खेती और आधुनिक उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में विस्तार कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाएगा।

महिला शक्ति बनेगी परिवर्तन की आधारशिला

कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बड़ी संख्या में कृषि सखी और महिला कृषि उद्यमी इस अभियान का हिस्सा बनेंगी।

उन्होंने कहा कि एक प्रशिक्षित कृषि उद्यमी पूरे गांव की तस्वीर बदल सकता है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

टिकाऊ कृषि विकास का नया मॉडल

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘प्रगति’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में व्यापक बदलाव का अभियान है। इसके माध्यम से राज्यवार कृषि रोडमैप, वैज्ञानिक फसल योजना और जलवायु परिवर्तन के अनुरूप टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा।

यह पहल ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का मिलेगा सहयोग

‘प्रगति’ पहल को देश में निजी क्षेत्र के सहयोग से संचालित सबसे बड़े कृषि उद्यमिता कार्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। इसमें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, डिजिटल समावेशन, तकनीकी सहयोग, बाजार संपर्क और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी कर रही हैं।

इस पहल का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि को अधिक सक्षम, टिकाऊ और किसानों के लिए लाभकारी बनाना है।

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