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गायत्री जयंती से पूर्व शांतिकुंज में भव्य दीप रैली, अध्यात्म को बताया जीवन की शक्ति

हरिद्वार, 23 जून।

डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा—जीवन संघर्ष का नाम ही अध्यात्म, आत्मसंयम से मिलता है असली विजयी मार्ग

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में गायत्री जयंती महापर्व की पूर्व वेला पर जन-जागरण और आत्मिक उन्नति से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य दीप रैली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पंड्या और महिला मंडल प्रमुख श्रीमती शैफाली पंड्या ने मशाल और दीपक लेकर रैली का नेतृत्व किया।

दीप रैली ने पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण निर्मित किया।

“अध्यात्म जीवन संग्राम में देता है दिशा”: डॉ. चिन्मय पंड्या

गायत्री जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि जीवन के संघर्ष का नाम ही अध्यात्म है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति जीवन में बाहरी चुनौतियों के साथ-साथ आंतरिक द्वंद्वों से भी गुजरता है, और ऐसे समय में अध्यात्म ही स्थिरता, धैर्य और सही दिशा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि इच्छाओं, क्रोध, लोभ और मोह जैसे आंतरिक विकारों पर विजय पाना भी उतना ही आवश्यक है जितना बाहरी संघर्षों से लड़ना। युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अध्यात्म जीवन को श्रेष्ठ बनाने की कला है, जो आत्मसंयम, सद्विचार और सेवा भावना के माध्यम से व्यक्ति को जीवन में सफल बनाता है।

डॉ. पंड्या ने कहा कि अध्यात्म मनुष्य को साधारण से असाधारण बनाता है और उसके जीवन को सार्थकता प्रदान करता है। उन्होंने जन्मशताब्दी वर्ष-2026 के तहत गायत्री परिवार की वैश्विक गतिविधियों की रूपरेखा भी साझा की।

नारी शक्ति और गायत्री माता के आदर्शों पर जोर

इस अवसर पर शांतिकुंज महिला मंडल प्रमुख श्रीमती शैफाली पंड्या ने कहा कि माता भगवती देवी शर्मा ने अपने जीवन में गायत्री माता के करुणा, सेवा और मातृत्व के आदर्शों को आत्मसात कर समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि माताजी ने पूरे गायत्री परिवार को एक सूत्र में बांधकर उसे संस्कारित और सशक्त परिवार का स्वरूप प्रदान किया। गायत्री माता ज्ञान, सद्बुद्धि और मानव कल्याण की प्रतीक हैं, और इन्हीं आदर्शों के आधार पर नारी जागरण और समाजोत्थान के कार्यों को नई दिशा मिली है।

हजारों साधकों की सहभागिता, महापर्व की तैयारी

कार्यक्रम में शांतिकुंज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों सहित देश-विदेश से आए हजारों साधकों ने भाग लिया। दीप रैली और सभाओं के दौरान परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और भक्ति भावना का विशेष प्रभाव देखा गया।

मुख्य कार्यक्रम बुधवार को

शांतिकुंज मीडिया विभाग के अनुसार, गायत्री जयंती महापर्व का मुख्य कार्यक्रम बुधवार को आयोजित होगा। इस दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय विशेष उद्बोधन देंगे। साथ ही विभिन्न राज्यों से आए साधकों की गुरुदीक्षा और कई संस्कार कार्यक्रम निःशुल्क संपन्न कराए जाएंगे।

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