हरिद्वार, 21 जून।
योगाभ्यास के बाद सैकड़ों साधकों ने पंतद्वीप क्षेत्र से हटाया कूड़ा, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख केंद्र शांतिकुंज के सैकड़ों साधकों ने हरिद्वार में हर की पैड़ी के निकट स्थित पंतद्वीप क्षेत्र में वृहद स्वच्छता अभियान चलाकर समाज को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। योगाभ्यास के उपरांत आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में साधकों ने भाग लिया और क्षेत्र में फैले कूड़े-कचरे को एकत्रित कर सफाई कार्य में योगदान दिया।
योग के साथ स्वच्छता का संदेश
शांतिकुंज के प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पण्ड्या के निर्देशन में संचालित अभियान के दौरान साधकों ने प्लास्टिक, कागज, कपड़े और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को अलग-अलग श्रेणियों में एकत्रित किया। अभियान का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं था, बल्कि आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी था।
साधकों ने योग और स्वच्छता के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ वातावरण दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालने की अपील की।
सोमवती अमावस्या के बाद बढ़ी थी सफाई की जरूरत
जानकारी के अनुसार हाल ही में सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के कारण पंतद्वीप और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में कचरा जमा हो गया था। इसी को देखते हुए शांतिकुंज परिवार ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया।
अभियान के दौरान एकत्रित किए गए कचरे को प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों के माध्यम से निस्तारण के लिए भेजा गया, जिससे क्षेत्र को पुनः स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सके।
स्वच्छता को सेवा और साधना का अंग बताया
शांतिकुंज परिवार ने स्वच्छता को केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। अभियान के समापन पर साधकों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
शांतिकुंज के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त वातावरण मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है तथा प्रत्येक नागरिक को इसके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह अभियान योग, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।



