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काकड़ीघाट और कैंची धाम पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

नैनीताल, 19 जून। उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने शुक्रवार को अल्मोड़ा जनपद के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व वाले काकड़ीघाट स्थित ज्ञानवृक्ष (पीपल) और कर्कटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

राज्यपाल ने काकड़ीघाट में स्थित उस पवित्र ज्ञानवृक्ष के दर्शन किए, जिसे स्वामी विवेकानंद की साधना स्थली के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह स्थान आध्यात्मिक चेतना, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र है। स्वामी विवेकानंद के यहां ध्यान और साधना करने के कारण इस स्थल का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने इस पावन स्थल के दर्शन को अपना सौभाग्य बताते हुए ज्ञानवृक्ष के संरक्षण तथा वैज्ञानिक तरीकों से उसके पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।

काकड़ीघाट भ्रमण के बाद राज्यपाल नैनीताल जनपद स्थित विश्वप्रसिद्ध कैंची धाम पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज के आश्रम में दर्शन कर देश, प्रदेश और समस्त मानवता की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना की। उन्होंने बाबा नीब करौरी महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, करुणा, भक्ति और मानव कल्याण के आदर्शों का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनके विचार और संदेश आज भी लाखों लोगों को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि कैंची धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा, सेवा और लोकमंगल का जीवंत केंद्र है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और आत्मिक शांति तथा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं। उन्होंने आश्रम परिसर का अवलोकन भी किया तथा वहां संचालित आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आश्रम प्रबंधन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए अनुकरणीय बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक केंद्र न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में सेवा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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