हरिद्वार, 18 जून (वेब वार्ता)। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा युवाओं को साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को औरंगाबाद स्थित पतंजलि विश्व विद्यालय में आयोजित एनसीसी कैंप में विशेष पुलिस पाठशाला का आयोजन किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में करीब 500 एनसीसी कैडेट्स और स्टाफ ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए हर युवा को डिजिटल माध्यमों के उपयोग में सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े विभिन्न साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उनसे बचाव के उपाय भी बताए।
अधिकारियों ने कैडेट्स को विशेष रूप से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने हेल्पलाइन नंबरों के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर तथा नशे से संबंधित शिकायतों के लिए मानस पोर्टल हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है।
पुलिस टीम ने सड़क सुरक्षा के नियमों पर भी प्रकाश डाला और युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, तथा सुरक्षित ड्राइविंग की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि जिम्मेदार नागरिक बनकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम में एएनटीएफ प्रभारी, साइबर सेल और यातायात पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।
अधिकारियों ने एनसीसी कैडेट्स को यह भी संदेश दिया कि वे स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स और स्टाफ की उपस्थिति रही, जिन्होंने पुलिस द्वारा दी गई जानकारी को अत्यंत उपयोगी और महत्वपूर्ण बताया।

