देहरादून, 18 जून (वेब वार्ता)। दून के सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सोशल मीडिया पर सिख धर्म और समुदाय के खिलाफ फैल रही नफरती पोस्टों पर रोक लगाने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसी पोस्टें राज्य के सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि हाल ही में कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के बीच हुई झड़प के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट तेजी से फैल रही हैं। इन पोस्टों के कारण समुदायों के बीच गलतफहमी और तनाव बढ़ने की आशंका है।
सिख समाज के सदस्यों ने कहा कि उत्तराखंड एक शांतिप्रिय और धार्मिक रूप से संवेदनशील राज्य है, जहां विभिन्न समुदाय वर्षों से आपसी सौहार्द के साथ रहते आए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नफरतपूर्ण सामग्री सामाजिक एकता को कमजोर कर सकती है। उन्होंने मांग की कि ऐसी पोस्टों पर तत्काल रोक लगाई जाए और इन्हें फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सभी समुदायों का साझा राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में शांति, सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले तत्वों पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के आश्वासन का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाएगी, जिससे समाज में आपसी विश्वास और भाईचारा मजबूत बना रहे।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में रविंदर आनंद, गुरप्रीत जोली, गुरजिंदर आनंद, अमरजीत सिंह, हरजीत सिंह, हरमीत सेठी, परमजीत सिंह सहित विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।

