देहरादून, 20 जून। उत्तराखंड श्रमिक कल्याण योजनाएं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर), कर्मकार कल्याण बोर्ड और 11 करोड़ रुपये की सहायता राशि—इन प्रमुख बिंदुओं के तहत शनिवार को श्रमिक हित में बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के तहत 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खातों में लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री आवास से ‘वन क्लिक’ डीबीटी ट्रांसफर
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान Pushkar Singh Dhami ने विवाह सहायता, मृत्यु अनुदान, प्रसूति सुविधा और शिक्षा सहायता जैसी योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में ‘वन क्लिक’ के माध्यम से राशि अंतरित की। इस दौरान लाभार्थियों को सीधे बैंक खातों में सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे पारदर्शिता और त्वरित वितरण सुनिश्चित हुआ।
श्रमिक कल्याण योजनाओं के व्यापक प्रचार के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि हर पात्र श्रमिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं और श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सरल और सुलभ बनाने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सहज बनाया जाए।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सुविधा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने और जीवनोपयोगी सामग्री वितरण के लिए विशेष शिविर आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए उनके कल्याण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता की संभावना न रहे।
एक वर्ष में 93 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है। यह आंकड़ा राज्य में श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर संविदा बोर्ड के राज्य सलाहकार कैलाश पंत, सतर्कता समिति अध्यक्ष गीता रावत, राज्य सतर्कता समिति उपाध्यक्ष मोहिनी पोखरिया, अपर सचिव विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त शैलेश सती और वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



