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मारुति सुजुकी गुजरात के 5 आईटीआई में लगाएगी उन्नत मैन्युफैक्चरिंग लैब्स, स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली, 22 जून (वेब वार्ता)।

पालनपुर, भावनगर समेत 5 संस्थानों में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं स्थापित करने का समझौता

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) ने गुजरात के पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में उन्नत विनिर्माण प्रयोगशालाएं (Advanced Manufacturing Labs) स्थापित करने की घोषणा की है। यह कदम ऑटोमोबाइल सेक्टर में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

कंपनी ने इसके लिए गुजरात सरकार के रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशालय (DET) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन प्रयोगशालाओं को पालनपुर, भावनगर, सुरेंद्रनगर, गोधरा और दाहोद स्थित आईटीआई में स्थापित किया जाएगा।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा प्रशिक्षण

मारुति सुजुकी का कहना है कि इन एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब्स के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक औद्योगिक उपकरणों के उपयोग का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें बदलते ऑटोमोबाइल उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा।

कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (कॉरपोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने कहा कि यह पहल छात्रों को उद्योग-उन्मुख कौशल प्रदान करेगी और उन्हें भविष्य की मैन्युफैक्चरिंग आवश्यकताओं के लिए सक्षम बनाएगी।

देशभर में स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क का विस्तार

मारुति सुजुकी वर्तमान में देशभर में 31 आईटीआई के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है और पहले ही 18 उन्नत मैन्युफैक्चरिंग लैब्स स्थापित कर चुकी है। गुजरात में पांच नए लैब्स के जुड़ने के बाद कंपनी का नेटवर्क और मजबूत होगा।

इसके साथ ही MSIL अब गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ सहित सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 23 एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब्स का संचालन करेगी।

ऑटो सेक्टर के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर जोर

कंपनी का कहना है कि तेजी से बदलते ऑटोमोबाइल सेक्टर में आधुनिक तकनीकों की समझ रखने वाले कुशल कर्मचारियों की जरूरत बढ़ रही है। ऐसे में यह पहल उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी को कम करने में मदद करेगी।

मारुति सुजुकी देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता कंपनी है, जिसकी घरेलू बाजार में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी की पहचान किफायती और फ्यूल-एफिशिएंट वाहनों के निर्माण के लिए रही है।

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