नई दिल्ली, 22 जून (वेब वार्ता)।
अंतरिम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की दिशा में निर्णायक चरण
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमीसन ग्रीट इस सप्ताह नई दिल्ली पहुंचे हैं। अपने इस दौरे के दौरान वे केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। इन वार्ताओं को प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है।
शीर्ष नेतृत्व की पहल से आगे बढ़ी प्रक्रिया
इस व्यापार वार्ता की शुरुआत फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत से हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और व्यापार बाधाओं को कम करने पर सहमति जताई थी।
हाल ही में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक में इस प्रक्रिया को तेज करने पर सहमति बनी, जिसके बाद वार्ता में तेजी आई है।
अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम चरण में
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम मुक्त व्यापार समझौता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दोनों देशों के बीच शेष मुद्दों पर लगातार बातचीत जारी है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस समझौते से टैरिफ में कमी, बाजार पहुंच में सुधार और द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि की संभावना है।
आर्थिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है। समझौते के लागू होने पर दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
जेमीसन ग्रीट भारत के बाद उज्बेकिस्तान का भी दौरा करेंगे, जहां वे वैश्विक व्यापार सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
निष्कर्ष
भारत और अमेरिका के बीच चल रही यह व्यापार वार्ता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। आने वाले दिनों में होने वाली चर्चाओं पर वैश्विक व्यापार जगत की नजर बनी रहेगी।

