देहरादून, 20 जून। डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी देहरादून, राष्ट्रीय शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार 2026, प्रिंसिपल कॉन्क्लेव, एआई इन एजुकेशन और प्रधानाचार्य सम्मान समारोह जैसे प्रमुख विषयों के तहत शनिवार को सेलाकुई परिसर में भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में देशभर से 500 से अधिक प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों और शैक्षणिक प्रशासकों ने भाग लिया, जहां विद्यालयी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार और कॉन्क्लेव का आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने ऑल इंडिया प्रिंसिपल एसोसिएशन (AIPA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट स्कूल्स (NFIS) के सहयोग से किया। इस दौरान शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रधानाचार्यों को ‘राष्ट्रीय शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
शिक्षा में एआई की भूमिका पर विशेष कार्यशाला
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्यों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका संचालन डॉ. राघव उपाध्याय ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि किस प्रकार एआई आधारित तकनीकें विद्यालयी शिक्षा में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।
उन्होंने स्मार्ट क्लासरूम, व्यक्तिगत शिक्षण प्रणाली, डेटा आधारित शैक्षणिक योजना और एआई आधारित प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों ने एआई उपकरणों के उपयोग, शिक्षक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों की तैयारी से जुड़े प्रश्न भी पूछे।
शिक्षा में एआई अब आवश्यकता: कुलपति
Dr. Sanjay Jasola ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक और प्रधानाचार्य केवल शिक्षा प्रदान नहीं करते, बल्कि राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा में एआई का समावेश विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है।
उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षा के डिजिटलीकरण और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
शिक्षा जगत के भविष्य पर विशेषज्ञों की राय
एनएफआईएस और एआईपीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नवदीप भारद्वाज ने कहा कि यह कार्यशाला भारतीय शिक्षा प्रणाली के भविष्य की नई संभावनाओं को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षा को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एआईपीए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित सहगल ने शिक्षकों से तकनीकी बदलावों को अपनाने और अपने संस्थानों को भविष्य के लिए तैयार करने का आह्वान किया।
राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर जोर
डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है। उन्होंने सम्मानित प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए कहा कि वे देश के भविष्य के वास्तविक निर्माता हैं।
वरिष्ठ शिक्षाविद रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. राजीव भारद्वाज, रजिस्ट्रार डॉ. रोहित रस्तोगी, डॉ. मनीष प्रतीक, डॉ. नवजोत सिंह सहित कई शिक्षाविद एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शिक्षा में नवाचार और तकनीकी समावेशन को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ किया गया।

