ज्योतिर्मठ, 21 जून।
भू-धंसाव के बाद सुरक्षा कारणों से बंद हुआ रोपवे, पर्यटन व्यवसायियों ने जल्द संचालन बहाली की मांग की
उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र औली में स्थित ज्योतिर्मठ-औली रोपवे पिछले तीन वर्षों से बंद होने के कारण स्थानीय पर्यटन कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है। पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि रोपवे बंद होने से पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे होटल, टेंट, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े व्यवसाय प्रभावित हुए हैं।
2023 के भू-धंसाव के बाद बंद हुआ संचालन
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुए भू-धंसाव के दौरान औली रोपवे भी प्रभावित हुआ था। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इसका संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया था। इसके बाद से अब तक रोपवे की बहाली को लेकर कई स्तर पर सर्वे और चर्चाएं की गई हैं, लेकिन संचालन पुनः शुरू नहीं हो सका है।
पर्यटन व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी
स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अजय भट्ट ने बताया कि रोपवे के माध्यम से बड़ी संख्या में पर्यटक औली पहुंचते थे, जिससे स्थानीय कारोबारियों को अच्छी आय प्राप्त होती थी। लेकिन रोपवे बंद होने के बाद पर्यटकों की आवाजाही काफी कम हो गई है, जिसका सीधा असर व्यवसाय पर पड़ा है।
व्यवसायियों का कहना है कि इस स्थिति से होटल, टेंट कॉलोनी और रेस्टोरेंट उद्योग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
लाखों रुपये के नुकसान का दावा
नागेंद्र सकलानी ने कहा कि रोपवे चालू रहने पर गर्मी और सर्दी दोनों सीजन में पर्यटकों की नियमित आवाजाही बनी रहती थी, लेकिन अब व्यवसायियों को प्रतिदिन लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
होटल एसोसिएशन औली के अध्यक्ष अंति प्रकाश शाह ने बताया कि रोपवे बंद होने से औली में पर्यटन गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
स्थानीय रोजगार पर भी असर
व्यापारी वैभव सकलानी ने कहा कि रोपवे बंद होने के कारण क्षेत्र में पर्यटकों की चहल-पहल समाप्त हो गई है, जिससे स्थानीय रोजगार और आय दोनों प्रभावित हुए हैं। उन्होंने जल्द से जल्द रोपवे संचालन शुरू करने की मांग की।
बहाली की मांग तेज
स्थानीय व्यवसायियों और पर्यटन संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर रोपवे का संचालन शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि औली में पर्यटन गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को राहत मिल सके।


