देहरादून, 18 जून (वेब वार्ता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में उपनल कर्मचारियों, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, आबकारी, गृह और चारधाम यात्रा से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। साथ ही राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
बैठक के बाद सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के निर्णयों की विस्तृत जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। राज्य की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक होने के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
कैबिनेट ने उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन लाभ की कटऑफ तिथि को 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर वर्ष 2024 करने को मंजूरी दी है। इस फैसले से बड़ी संख्या में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है।
शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को स्वीकृति दी गई। इसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार किए जाएंगे, जिससे संस्कृत शिक्षा को और अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा सके।
लोक निर्माण विभाग से जुड़े प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के कारण बिटुमेन की बढ़ी कीमतों के मद्देनजर सड़क निर्माण कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव के समाधान हेतु आवश्यक प्रबंधन निर्णय लिए गए। इससे निर्माण कार्यों की गति प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक उपायों पर जोर दिया गया।
आबकारी विभाग के प्रस्ताव के तहत होलोग्राम दोहराव की स्थिति में दोबारा कर नहीं लगाने का निर्णय लिया गया है, जिससे विभागीय प्रक्रियाओं में सरलता आएगी और विवादों की संभावना कम होगी।
कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध एवं हर्बल केंद्र में मिलावट जांच सुविधा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इस केंद्र के लिए पांच नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। यह कदम जैविक और औषधीय कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इस आयोजन में लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय कारों के शामिल होने की संभावना है, जिससे राज्य में साहसिक और एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी।
गृह विभाग से जुड़े निर्णयों में उत्तराखंड कारागार नियमावली में संशोधन और कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई है। इन बदलावों से जेल प्रशासन को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाया जा सकेगा।
राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राहत देते हुए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कनिष्ठ सहायक और पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2024 में दस्तावेज सत्यापन के दौरान विशेष अवसर देने का निर्णय लिया गया है। यह उन अभ्यर्थियों के लिए राहतकारी कदम माना जा रहा है, जिनके प्रमाणपत्र समय पर प्रस्तुत नहीं हो सके थे।
चारधाम यात्रा से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में यात्रा के दौरान संचालित घोड़ा-खच्चरों के लिए बीमा सहायता उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। इसमें 20 प्रतिशत योगदान सरकार और 80 प्रतिशत पशुपालन विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। इससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और यात्रा संचालन अधिक सुरक्षित होगा।
पशुपालन विभाग के तहत एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले गौवंश के विकास और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह कदम राज्य में पशुधन सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के अंत में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और प्रसिद्ध निशानेबाज पद्मश्री जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। मंत्रिमंडल के सदस्यों और अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेजर जनरल खंडूड़ी ने अपने कार्यकाल में सुशासन, विकास और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। वहीं, जसपाल राणा ने अपनी खेल उपलब्धियों से देश और उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि दोनों व्यक्तित्वों का योगदान सदैव प्रेरणादायक रहेगा।



