देहरादून, 07 जुलाई। उत्तराखंड सरकार राज्य की नई खेल नीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। नई नीति को अधिक प्रभावी और खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए सरकार खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और आम जनता से सुझाव लेगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को हुई विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जल्द ऑनलाइन माध्यम से सुझाव आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
सरकार का उद्देश्य है कि नई खेल नीति में प्रदेश के खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरतों, स्थानीय खेल प्रतिभाओं और खेल क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल किया जाए।
ऑनलाइन माध्यम से लिए जाएंगे सुझाव
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नई खेल नीति तैयार करने से पहले प्रदेशवासियों की राय ली जाएगी। इसके लिए जल्द ही एक ऑनलाइन लिंक जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल प्रेमी और आम नागरिक अपने सुझाव भेज सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों में से उपयोगी और व्यवहारिक सुझावों को नीति का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे नई खेल नीति को अधिक व्यापक और जनभागीदारी वाली बनाया जा सकेगा।
केंद्र की नीति के अनुरूप होंगे प्रावधान
खेल मंत्री ने कहा कि नई खेल नीति में केंद्र सरकार की खेल नीति के अनुरूप आवश्यक प्रावधान शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौजूद स्थानीय खेल प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए नीति में विशेष व्यवस्था की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को खेल के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाई जाए।
बेहतर सुझाव देने वालों को किया जाएगा सम्मानित
रेखा आर्या ने कहा कि नई खेल नीति के लिए सुझाव देने वाले लोगों में से बेहतर और उपयोगी सुझाव देने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। इससे लोगों को नीति निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र के विकास के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर तेज होगी कार्रवाई
विभागीय समीक्षा बैठक में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर भी चर्चा हुई। खेल मंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में चल रही तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, शोध और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे उत्तराखंड के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगा रोजगार अवसर
बैठक में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। खेल मंत्री ने कहा कि राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन देना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि कुछ पदक विजेता खिलाड़ियों को राज्य की खेल अकादमियों में समायोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है। इससे अनुभवी खिलाड़ी युवा प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देने में योगदान दे सकेंगे।
उत्तराखंड सरकार की नई खेल नीति से प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की उम्मीद जताई जा रही है।


