नई दिल्ली, 16 जून (वेब वार्ता)। टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा है कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स को वित्त वर्ष 2026-27 में उद्योग में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करने का भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी मजबूत रणनीति, नए उत्पादों और तकनीकी नवाचार के बल पर आगे बढ़ने की स्थिति में है।
यह बयान कंपनी की वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को लिखे गए पत्र में दिया गया है। चंद्रशेखरन ने अपने संदेश में कंपनी की भविष्य की दिशा, वैश्विक ऑटो उद्योग में बदलाव और टाटा समूह के भीतर सहयोगात्मक रणनीति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
FY27 में मजबूत ग्रोथ का लक्ष्य
चेयरमैन ने कहा कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और उसकी ब्रिटिश सहयोगी कंपनी जगुआर लैंड रोवर विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन के क्षेत्रों में आपसी सहयोग जारी रखेंगे। इस साझेदारी का उद्देश्य परिचालन दक्षता बढ़ाना, सीखने की प्रक्रिया को तेज करना और पूंजी अनुशासन को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 में आत्मविश्वास के साथ प्रवेश कर रही है और उसका लक्ष्य उद्योग में सबसे तेज वृद्धि हासिल करना है। इसके साथ ही कंपनी सुरक्षा, स्थिरता, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि आने वाला समय कई नए उत्पादों और बहु-पावरट्रेन विकल्पों से भरा होगा, जिससे कंपनी को बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
वैश्विक बदलाव और तकनीकी प्रभाव
अपने पत्र में उन्होंने वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग में हो रहे व्यापक बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में तेजी से हो रही प्रगति वाहन निर्माण, डिजाइन, उपयोगकर्ता अनुभव और सेवा मॉडल को पूरी तरह बदल रही है।
इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा की ओर वैश्विक बदलाव, सुरक्षा मानकों में वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन ने प्रतिस्पर्धा की परिभाषा को नए स्तर पर पहुंचा दिया है। भू-राजनीतिक अस्थिरता और असमान आर्थिक सुधार भी उद्योग के लिए अतिरिक्त चुनौतियां पैदा कर रहे हैं, जिससे लचीलापन और मजबूती कंपनियों के लिए अत्यंत आवश्यक क्षमता बन गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों में मजबूत प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कंपनी ने इस अवधि में 92,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन बेचे, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 43.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
यह आंकड़ा भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती स्वीकार्यता और टाटा मोटर्स की इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ को रेखांकित करता है। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में सेगमेंट उसकी ग्रोथ रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा।
भविष्य की रणनीति
टाटा समूह का फोकस अब तकनीकी नवाचार, हरित ऊर्जा समाधान और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर है। चेयरमैन ने संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में कंपनी न केवल उत्पादों में विविधता लाएगी, बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए रणनीतिक निवेश भी करेगी।
कुल मिलाकर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का लक्ष्य बदलते वैश्विक ऑटो उद्योग में अग्रणी भूमिका निभाना और भविष्य की मोबिलिटी जरूरतों के अनुरूप खुद को ढालना है।
Image source: Tata motors



