हल्द्वानी, 16 जून (वेब वार्ता)। कुमाऊं के सबसे बड़े नगर निगम ट्रेंचिंग ग्राउंड में वर्षों से जमा लाखों मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम ने पुराने और वर्तमान में आने वाले कूड़े के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करते हुए दो स्वतंत्र टेंडर जारी किए हैं। निगम प्रशासन का दावा है कि इस पहल से लंबे समय से चली आ रही कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान का रास्ता साफ होगा।
नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में प्रतिदिन पहुंचने वाले नए कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था पहले से संचालित की जा रही है। इसके साथ ही गीले कूड़े को अलग कर उससे कंपोस्ट खाद बनाने की प्रक्रिया भी नियमित रूप से चलाई जा रही है। नगर निगम का प्रयास है कि वर्तमान में उत्पन्न होने वाले कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से निस्तारण किया जाए, ताकि भविष्य में कूड़े का अतिरिक्त दबाव न बढ़े।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से पहले ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा हुए लाखों मीट्रिक टन पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए विशेष दीर्घकालिक योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत कूड़े के वैज्ञानिक प्रसंस्करण और निष्पादन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। नगर निगम ने इसके लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और जल्द ही जमीनी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्त के अनुसार पुराने कूड़े का निस्तारण एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, क्योंकि वर्षों से जमा कचरे की मात्रा काफी अधिक है। इसके बावजूद निगम ने चरणबद्ध तरीके से इस समस्या के समाधान की रणनीति बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद ट्रेंचिंग ग्राउंड में कूड़े का दबाव काफी कम हो जाएगा और शहर को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
गौरतलब है कि हल्द्वानी नगर निगम केवल शहर का ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य नगर निकायों से आने वाले कूड़े का भी प्रबंधन करता है। वर्तमान में ट्रेंचिंग ग्राउंड में प्रतिदिन लगभग 220 मीट्रिक टन कूड़ा पहुंचता है। इस बड़ी मात्रा के कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और प्रबंधन के लिए नगर निगम लगातार नई तकनीकों और योजनाओं पर कार्य कर रहा है।
नगर निगम का मानना है कि पुराने और नए कूड़े के पृथक प्रबंधन की यह रणनीति न केवल स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।



