हरिद्वार, 13 जुलाई (वेब वार्ता)। निरंजनी अखाड़े ने साध्वी ऋतम्भरा के शिष्य स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी को महामंडलेश्वर पद से सम्मानित किया। हरिद्वार के कनखल स्थित बेंकट हॉल में आयोजित भव्य पट्टाभिषेक समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार, तिलक, चादर और पुष्पवर्षा के साथ उन्हें महामंडलेश्वर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। समारोह में देशभर से आए संतों, महंतों और गणमान्य लोगों ने नवनियुक्त महामंडलेश्वर को शुभकामनाएं दीं।
वैदिक विधि-विधान से हुआ पट्टाभिषेक
पट्टाभिषेक समारोह की अध्यक्षता आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद महाराज ने की। इस दौरान संत समाज की मौजूदगी में स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी का विधिवत अभिषेक किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं और अखाड़ा मर्यादाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी विद्वान संत हैं और वे संत परंपरा का पालन करते हुए सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि नवनियुक्त महामंडलेश्वर अखाड़े की परंपराओं को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।
धर्म और संस्कृति के संरक्षण का मिला दायित्व
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि आदिगुरु शंकराचार्य ने धर्म रक्षा के उद्देश्य से अखाड़ों की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर का पद केवल सम्मान नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी है। स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी धर्म रक्षा, सनातन संस्कृति के विस्तार और अखाड़े की मजबूती के लिए कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि युवा संतों को आगे बढ़ाने और समाज को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से जोड़ने में महामंडलेश्वर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
साध्वी ऋतम्भरा ने दिया आशीर्वाद
समारोह में साध्वी ऋतम्भरा ने स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सन्यास परंपरा भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा महामंडलेश्वर मानव कल्याण और सनातन संस्कृति के प्रसार के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।
नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी ने सभी संतों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे साध्वी ऋतम्भरा से प्राप्त शिक्षाओं और श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के मार्गदर्शन में सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित रहेंगे। उन्होंने कहा कि युवा संतों को साथ लेकर समाज में सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, मध्य प्रदेश की कैबिनेट मंत्री सावित्री ठाकुर, राज्यमंत्री राजेश अग्रवाल, हरिद्वार की महापौर किरण जैसल सहित कई संत-महंत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने किया। इस अवसर पर तेरह अखाड़ों के संत, पंच परमेश्वर और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
महामंडलेश्वर पद पर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी की नियुक्ति को संत समाज में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संतों का कहना है कि उनके नेतृत्व में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।


