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कर्णप्रयाग में चारधाम यात्रा का असर: पहाड़ी उत्पादों की मांग बढ़ी, स्थानीय कारोबार में 30% का उछाल

कर्णप्रयाग, 21 जून।

बदरीनाथ हाईवे पर कालेश्वर क्षेत्र में जैम, मुरब्बा, जूस और मंडुवा उत्पादों की रिकॉर्ड बिक्री, यात्री कर रहे सीधी खरीदारी

चारधाम यात्रा के दौरान कर्णप्रयाग क्षेत्र में पहाड़ी उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जून माह में स्थानीय उद्योगों के कारोबार में लगभग 30 प्रतिशत का उछाल देखा गया है, जिससे क्षेत्रीय उत्पादकों और छोटे उद्योगों को नई आर्थिक मजबूती मिली है।

यात्रियों की पहली पसंद बने स्थानीय उत्पाद

बदरीनाथ हाईवे पर कालेश्वर क्षेत्र में स्थित उद्योग इकाइयों में जैम, जैली, मुरब्बा और विभिन्न प्रकार के अचार का उत्पादन तेजी से किया जा रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु इन उत्पादों की खरीदारी में विशेष रुचि दिखा रहे हैं।

यात्रियों की बढ़ती भीड़ के कारण कई उत्पाद सीधे उद्योग केंद्रों से ही हाथों-हाथ बिक रहे हैं।

जैविक और पारंपरिक उत्पादों की बढ़ी मांग

घुघुती गढ़वाल नेचुरल फूड एंड फ्रूट प्रोसेसिंग इकाई के प्रबंधक राहुल रावत ने बताया कि पहाड़ी चटनी, दालें, चावल, मंडुवा का आटा और विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक जूस की मांग लगातार बढ़ रही है। इनमें बुरांश, संतरा, आंवला और शुगर-फ्री जूस विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।

उन्होंने कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में घर आए प्रवासी लोग भी इन स्थानीय उत्पादों की बड़ी मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।

यात्रा सीजन में कारोबार में 30% वृद्धि

कल्प इकाई के प्रबंधक चंदन सिंह ने बताया कि इस वर्ष यात्रा सीजन में जीरा शीतल पेय सहित कई अन्य उत्पादों की मांग में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ से लेकर बदरीनाथ धाम तक यात्रियों की सीधी खरीदारी बढ़ी है।

उनके अनुसार, बीते महीने की तुलना में वर्तमान माह में कारोबार में लगभग 30 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है।

यात्रियों को भा रहे पहाड़ी स्वाद और संस्कृति

बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आए श्रद्धालु रघुराम दास ने पहली बार पहाड़ी व्यंजनों और उत्पादों का अनुभव लिया और कालेश्वर क्षेत्र में जमकर खरीदारी की। उनके साथ आए परिजनों ने भी उत्तराखंड के रहन-सहन, खान-पान और संस्कृति की सराहना की।

यात्रियों ने कहा कि पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता और पारंपरिक उत्पादों के कारण यह यात्रा उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गई है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा लाभ

चारधाम यात्रा के चलते स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग से कर्णप्रयाग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिल रहा है। इससे न केवल छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

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