कोटद्वार, 21 जून।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ से कौड़िया चेकपोस्ट से शहर तक प्रभावित हुआ यातायात, पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू किया
श्री सिद्धबली बाबा के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आए पर्यटकों के कारण रविवार को कोटद्वार में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। सुबह से दोपहर तक शहर और आसपास के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और यातायात रुक-रुककर प्रभावित होता रहा।
कौड़िया चेकपोस्ट पर लंबी कतारें, शहर में प्रवेश सीमित
रविवार को मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे परिवार के साथ सिद्धबली मंदिर दर्शन के लिए कोटद्वार पहुंचे। इस दौरान कारों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और यहां तक कि ई-रिक्शाओं की भी भारी आवाजाही देखी गई।
कौड़िया चेकपोस्ट क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने शहर में सीधा प्रवेश रोकते हुए रूट डायवर्जन लागू किया।
रूट डायवर्जन से बदला गया यातायात मार्ग
यातायात उपनिरीक्षक संतोष सिंह एवं रामकरन सिंह के निर्देशन में नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश) की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को बालासौड़ से वैकल्पिक मार्ग के जरिए सिद्धबली मंदिर भेजा गया। यह मार्ग देवी मंदिर, पदमपुर चौराहा, घराट रोड, पीजी कॉलेज और बुद्धा पार्क होते हुए तय किया गया।
दुगड्डा की ओर से आने वाले वाहनों को बुद्धा पार्क से झंडाचौक और तीलू रौतेली चौक के रास्ते डायवर्ट किया गया।
झंडाचौक पर अव्यवस्था से जाम की स्थिति
झंडाचौक क्षेत्र में वन-वे व्यवस्था लागू करने के दौरान बेहतर समन्वय और संवाद की कमी के कारण रोडवेज बस जाम में फंस गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। एक साथ कई मार्ग प्रभावित होने से क्षेत्र में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
पुलिस के प्रयासों के बावजूद दबाव रहा अधिक
सिद्धबली मंदिर क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर कोतवाली और यातायात पुलिस की तैनाती के बावजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों के वाहनों का अत्यधिक दबाव बना रहा। इसके चलते दिनभर रुक-रुककर जाम लगता रहा और वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहे।
सुबह 6 बजे से दोपहर तक पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभालने में जुटे रहे, लेकिन भारी भीड़ के कारण हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके।
पर्यटन और धार्मिक भीड़ बना चुनौती
स्थानीय प्रशासन के लिए धार्मिक आस्था और पर्यटन से जुड़ी इस भारी भीड़ का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए और अधिक सख्त व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की स्थिति से बचा जा सके।

