हरिद्वार, 20 जून। कर्णप्रयाग में निहंग सिख युवकों और स्थानीय लोगों के बीच हुई मारपीट की घटना को लेकर सिख समाज ने नाराजगी जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) Vaibhav Gupta को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की मांग की। समाज के पदाधिकारियों का आरोप है कि घटना में एक पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच नहीं की गई।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
ज्ञापन सौंपने पहुंचे सिख समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्णप्रयाग की घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसके आधार पर निहंग सिख युवकों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि किसी भी विवाद या मारपीट की घटना में दोनों पक्षों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए सिख युवकों को गिरफ्तार किया और उनके साथ कठोर व्यवहार किया, जिससे समुदाय में असंतोष व्याप्त है।
निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
Baba Pandat, जो Shri Guru Nanak Dev Ji Dharm Prachar Samiti के संचालक हैं, ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य किसी एक पक्ष को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि सभी तथ्यों की जांच कर न्याय सुनिश्चित करना है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर दोनों पक्षों की भूमिका को सामने लाया जाए, ताकि किसी भी समुदाय में गलत संदेश न जाए।
आत्मरक्षा का दावा, दूसरे पक्ष पर कार्रवाई की मांग
समिति के अध्यक्ष Suba Singh Dhillon ने कहा कि घटना के दौरान निहंग सिख युवकों ने कृपाण का इस्तेमाल आत्मरक्षा के लिए किया। उनका दावा है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता तो भीड़ द्वारा उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाया जा सकता था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष द्वारा पहले डंडों से हमला किया गया, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले में दूसरे पक्ष की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
सिख समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया तो समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उज्जल सिंह सेठी, हरभजन सिंह बाजवा, जोगिंदर सिंह सहित समाज के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सिख समाज ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।



