हरिद्वार, 20 जून। उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री Bharat Singh Chaudhary ने अधिकारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी और रोजगारपरक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने पर विशेष जोर दिया।
विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने ग्राम्य विकास, स्वरोजगार, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, मनरेगा, कृषि, उद्यान, पशुपालन, ग्रामीण अवस्थापना विकास और आजीविका संवर्धन से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने कहा कि सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार पर विशेष फोकस
बैठक में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उपलब्ध योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाया जाए।
मंत्री ने विशेष रूप से ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर देते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
क्लाउड किचन योजना की सराहना
जनपद में संचालित ‘क्लाउड किचन योजना’ की सराहना करते हुए मंत्री ने इसे महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली एक प्रभावी पहल बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाए ताकि वे अपने कौशल का उपयोग कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण अभियान पर जोर
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयास प्रभावी साबित हों।
अधिकारियों को दी जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की हिदायत
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उनका क्रियान्वयन ईमानदारी और जवाबदेही के साथ किया जाए। बैठक में जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, महाप्रबंधक उद्योग उत्तम सिंह तिवारी, जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



