Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

उत्तराखंड में रेलवे नेटवर्क विस्तार पर जोर, मुख्यमंत्री धामी ने प्रमुख रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

देहरादून, 19 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार और निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उत्तराखंड की वर्तमान और भविष्य की रेलवे आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। बेहतर रेल नेटवर्क से पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक बताते हुए इसके कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के पूरा होने से चारधाम यात्रा को नई मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण परियोजना बताया।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने जानकारी दी कि इस परियोजना का सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नवंबर 2026 तक इस दिशा में ठोस और सकारात्मक प्रगति देखने को मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल लाइन और किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी राज्य के संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और विकास के नए अवसर सृजित होंगे।

बैठक में राज्य के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती पर्यटक और यात्री संख्या को देखते हुए स्टेशनों का उन्नयन समय की मांग है।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ और कांवड़ मेले के मद्देनजर हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की रेलवे स्टेशनों पर विशेष सुविधाओं के विकास की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और रेलवे के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

बैठक में हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में उठाए गए सभी विषयों पर गंभीरता के साथ कार्य किया जाएगा। बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित रहे।

Popular Articles