हरिद्वार, 17 जून। हरिद्वार पुलिस ने लूट की एक सनसनीखेज वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई बुलेट मोटरसाइकिल और घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक बरामद कर ली है। वहीं इस गिरोह के दो अन्य फरार साथियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस के अनुसार यह घटना 5 जून की है, जब देवबंद निवासी हिमांशु पुत्र राजीव ने कोतवाली मंगलौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि अज्ञात बदमाशों ने उनकी बुलेट मोटरसाइकिल (नंबर UK 08 AM 3897) को लूट लिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के आसपास और संभावित रूटों पर लगे लगभग 296 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इसके साथ ही पुलिस ने स्थानीय अपराधियों की गतिविधियों, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया।
लगातार की जा रही जांच और मुखबिर तंत्र से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को सफलता मिली और सर्वानंद घाट, हरिद्वार क्षेत्र से दो आरोपियों को दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने लूट की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। साथ ही उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए, जो घटना के बाद से फरार चल रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष पुत्र महावीर, निवासी ग्राम डोसीनी, थाना लक्सर तथा सिद्धार्थ पुत्र बिरमपाल, निवासी ग्राम ढंढेरा, थाना सिविल लाइन रुड़की के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से लूटी गई बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है, जिसका उपयोग अपराध को अंजाम देने में किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार दो अन्य साथियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है ताकि लूट की इस वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आपराधिक नेटवर्क का भी खुलासा किया जा सके।



