हल्द्वानी, 17 जून। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार की अध्यक्षता में मंगलवार को शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में बाल अधिकारों के संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा विद्यालयी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान बच्चों के शारीरिक और मानसिक शोषण की रोकथाम, शिक्षा के अधिकार से संबंधित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यालयों में सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में मौजूद चुनौतियों और उनके समाधान पर भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
इसके अलावा बैठक में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण के उपायों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
निजी विद्यालयों और पुस्तक व यूनिफॉर्म विक्रेताओं के बीच संभावित सांठगांठ पर निगरानी रखने, विद्यालयों में नियमित एवं औचक निरीक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने तथा शिकायत और सुझाव पेटिकाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
साथ ही विद्यालय भवनों के सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित विद्यार्थियों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने माना कि ड्रॉपआउट बच्चों को वापस स्कूल से जोड़ना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
बैठक में उपस्थित सदस्य योगेश सिंह रजवार ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल अधिकारों की सुरक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विभागीय कार्यवाही समयबद्ध और प्रभावी ढंग से की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी पुष्कर लाल टम्टा, सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, सहायक अभियंता तथा समग्र शिक्षा के सभी जिला समन्वयक उपस्थित रहे। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाने पर सामूहिक सहमति बनी।



