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पीएमईजीपी के तहत 22,259 नए प्रोजेक्ट्स को 504 करोड़ रुपये की सब्सिडी, 2.44 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद

नई दिल्ली, 18 जून (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत देशभर के ग्रामीण कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। आयोग ने 22,259 नए प्रोजेक्ट्स के लिए 504.68 करोड़ रुपये की ऑनलाइन मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की है। इस पहल से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि लाखों लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इन परियोजनाओं के लिए विभिन्न बैंकों ने लगभग 1,485 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं। अनुमान है कि इन नई इकाइयों के माध्यम से करीब 2,44,849 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। यह कदम आत्मनिर्भर भारत और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह सहायता राशि हरियाणा के भिवानी जिले के सिवानी में आयोजित ‘खादी रोजगार उत्सव’ के दौरान वितरित की गई। कार्यक्रम में केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज गोयल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाग लिया। इस अवसर पर सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 972 कारीगरों को वर्चुअल माध्यम से 3,645 आधुनिक मशीनें और टूलकिट भी प्रदान किए गए। लाभार्थी राज्यों में हरियाणा, नई दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और त्रिपुरा शामिल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र का कुल उत्पादन बढ़कर लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। वर्तमान में यह क्षेत्र देशभर में 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है।

गोयल ने इस सफलता का श्रेय लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और खादी संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि आयोग ने अब खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र के कारोबार को 2.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 12 वर्षों में पीएमईजीपी योजना के तहत देशभर में 10.84 लाख से अधिक नई इकाइयों की स्थापना की गई है। इन परियोजनाओं के लिए सरकार ने 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी उपलब्ध कराई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार मिला है।

वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राज्य में 96 सक्रिय खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थानों के माध्यम से करीब 58,796 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है। साथ ही ग्रामोद्योग विकास योजनाओं के जरिए 1.27 लाख से अधिक लोगों को आजीविका प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस तथ्य को रेखांकित किया कि खादी क्षेत्र से जुड़े लगभग 80 प्रतिशत कारीगर महिलाएं हैं। उनके अनुसार यह महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और आधुनिक विपणन तंत्र का भी विस्तार कर रही है।

यह पहल ग्रामीण भारत में रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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