नई दिल्ली, 16 जून (वेब वार्ता)। देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की एयरपोर्ट संचालक कंपनी अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रतिष्ठित ‘प्रिक्स वर्साय’ आर्किटेक्चर और डिजाइन अवॉर्ड्स में कंपनी द्वारा संचालित भारत के दो एयरपोर्ट्स को दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाईअड्डों की सूची में शामिल किया गया है।
कंपनी के अनुसार, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी स्थित लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल-2 वर्ष 2026 की ‘दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स’ की सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं। इस मान्यता को भारत के विमानन ढांचे और आधुनिक डिजाइन क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
वैश्विक मंच पर भारतीय एयरपोर्ट डिजाइन को मान्यता
अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने कहा कि यह सम्मान कंपनी की अगली पीढ़ी के विमानन ढांचे को विकसित करने की दिशा में बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। इसमें अत्याधुनिक वास्तुकला, सतत विकास और यात्री-केंद्रित नवाचार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
‘प्रिक्स वर्साय’ को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर और डिजाइन पुरस्कारों में गिना जाता है, जिसे वर्ष 2015 से हर साल पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार विशेष रूप से उन नए या हाल ही में विकसित एयरपोर्ट्स और टर्मिनल्स को दिया जाता है जो आधुनिक डिजाइन, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
नवी मुंबई एयरपोर्ट: आधुनिक भारत की पहचान
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को उसके कमल से प्रेरित डिजाइन, भविष्यवादी संरचना और तकनीक, कला तथा कार्यक्षमता के अनूठे संयोजन के लिए सराहा गया है। इस एयरपोर्ट को एक ऐसे वैश्विक गेटवे के रूप में विकसित किया गया है, जो भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और आधुनिक वैश्विक आकांक्षाओं को दर्शाता है।
यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित की गई है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 19,650 करोड़ रुपये है। इसे भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2025 को इसके पहले चरण का उद्घाटन किया था। इसके बाद 25 दिसंबर 2025 को यहां पहली व्यावसायिक उड़ान के साथ इसका संचालन शुरू हुआ।
गुवाहाटी एयरपोर्ट: प्रकृति से प्रेरित डिजाइन
गुवाहाटी स्थित लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल-2 ‘बैम्बू ऑर्किड’ की बायोफिलिक सुंदरता से प्रेरित है। इसका डिजाइन न केवल आधुनिकता को दर्शाता है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक संपदा और जैव-विविधता को भी सम्मान देता है।
यह टर्मिनल एक पर्यावरण-अनुकूल और सस्टेनेबल संरचना के रूप में विकसित किया गया है, जो यात्रियों को प्राकृतिक अनुभव के साथ आधुनिक सुविधाएं प्रदान करता है। इस डिजाइन को क्षेत्रीय संस्कृति और पर्यावरणीय संतुलन के बेहतरीन समन्वय का उदाहरण माना जा रहा है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय एयरपोर्ट्स
‘प्रिक्स वर्साय’ की सूची में इस वर्ष दुनिया के कई प्रमुख एयरपोर्ट शामिल हैं, जिनमें चीन का ग्वांगझू एयरपोर्ट, जर्मनी का फ्रैंकफर्ट एम मेन, कंबोडिया का कंडल स्टुएंग, अमेरिका के पिट्सबर्ग और सैन डिएगो एयरपोर्ट शामिल हैं। यह सूची वैश्विक स्तर पर एयरपोर्ट डिजाइन और नवाचार के उच्च मानकों को दर्शाती है।
पुरस्कार का उद्देश्य केवल सुंदरता को पहचानना नहीं है, बल्कि ऐसे डिजाइन को बढ़ावा देना है जो संस्कृति, पर्यावरण और तकनीक के बीच संतुलन स्थापित करते हैं। यह अवधारणा आधुनिक विमानन ढांचे को अधिक मानवीय और पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर जोर देती है।
भविष्य की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत के विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल देश की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाता है, बल्कि भविष्य में और अधिक अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले एयरपोर्ट विकास को भी प्रोत्साहित करेगा।
कुल मिलाकर, अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स को मिला यह सम्मान भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और आधुनिक डिजाइन व तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में उसकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।
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