हरिद्वार, 23 जून।
ईमेल के जरिए मिली धमकी के बाद ऋषिकेश, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक सुरक्षा बढ़ाई गई
धर्मनगरी हरिद्वार में मंगलवार को उस समय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया जब नगर निगम को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में हरिद्वार नगर निगम के साथ-साथ ऋषिकेश, केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर बम विस्फोट की धमकी दी गई है।
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा बल तुरंत सक्रिय हो गए और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
नगर निगम परिसर में चला सघन तलाशी अभियान
धमकी मिलने के बाद नगर निगम कार्यालय और मेयर कार्यालय में बम निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वायड की टीमों ने कई घंटों तक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। पूरे परिसर की बारीकी से जांच की गई, हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
अधिकारियों ने राहत की बात कही है कि फिलहाल कोई खतरा नहीं पाया गया है, लेकिन सतर्कता बरकरार रखी गई है।
चारधाम यात्रा स्थलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा
ईमेल में चारधाम यात्रा से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। इसके बाद केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों सहित सभी प्रमुख यात्रा रूटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और नियमित चेकिंग बढ़ा दी गई है।
साइबर सेल जांच में जुटी, ईमेल स्रोत का पता लगाने की कोशिश
पुलिस की साइबर सेल धमकी भरे ईमेल के स्रोत और प्रेषक की पहचान करने में जुटी हुई है। तकनीकी टीम विभिन्न एंगल से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ईमेल कहां से और किस उद्देश्य से भेजा गया है।
पुलिस का बयान और प्रशासन की अपील
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि धमकी भरे ईमेल की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि ईमेल में केवल नगर निगम ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख है, जिस कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

