उत्तरकाशी, 21 जून।
मलबा और भारी बोल्डर गिरने से चारधाम यात्रा प्रभावित, यात्रियों को घंटों करना पड़ा इंतजार
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्याना चट्टी के निकट आधी रात को पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इसके चलते रातभर यातायात ठप रहा और सुबह कई घंटों की मशक्कत के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोला जा सका।
यात्रियों और स्थानीय लोगों को हुई परेशानी
मार्ग बंद होने के कारण यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
चारधाम यात्रा मार्ग पर अचानक बाधा उत्पन्न होने से तीर्थयात्रियों की यात्रा समयबद्ध तरीके से प्रभावित हुई, जिससे असुविधा और असंतोष की स्थिति बनी रही।
स्थानीय लोगों का निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हाईवे चौड़ीकरण कार्य के दौरान निर्माण एजेंसी द्वारा की जा रही अनियंत्रित और असुरक्षित कटिंग के कारण स्याना चट्टी क्षेत्र लगातार भूस्खलन के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी को असुरक्षित तरीके से काटे जाने के कारण हल्की बारिश या भूस्खलन की स्थिति में भी भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सीधे सड़क पर आ रहे हैं, जिससे बार-बार यातायात बाधित हो रहा है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग निर्माण एजेंसी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल साबित हो रहे हैं। इसका सीधा असर चारधाम यात्रा के महत्वपूर्ण मार्ग पर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा भी लगातार खतरे में बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सुरक्षा उपायों की मांग तेज
ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा उपाय जैसे रिटेनिंग वॉल, ढलान स्थिरीकरण और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो चारधाम यात्रा मार्ग पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है, जिससे यात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

