Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

मानसून ने पकड़ी रफ्तार: अगले 48 घंटे में बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में दस्तक के आसार

नई दिल्ली, 23 जून।

कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना, तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के विभिन्न हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और बिहार के शेष क्षेत्रों में पहुंचने की प्रबल संभावना है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ इन राज्यों में व्यापक वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति से भीषण गर्मी और लू की स्थिति से जूझ रहे क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में तापमान में गिरावट और मौसम के सुहावना होने के संकेत हैं।

कई राज्यों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

आईएमडी ने मानसूनी गतिविधियों के मद्देनजर बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों के लिए गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के साथ 40 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन को भी संभावित मौसमीय घटनाओं को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली-एनसीआर में राहत भरा मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।

दिल्ली-एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव के संकेत हैं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश का दौर

उत्तर प्रदेश के मेरठ, नोएडा, लखनऊ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि प्रदेश के कुछ पूर्वी इलाकों में अभी भी उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है।

वहीं बिहार में मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तेज बारिश के साथ जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

किसानों और जल संसाधनों के लिए फायदेमंद

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता खरीफ फसलों की बुआई के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करेगी। साथ ही जलाशयों, नदियों और भूजल स्तर में सुधार की संभावना भी बढ़ेगी। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं।

Popular Articles