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देश में बेरोजगारी दर 5.5% पर आई, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ोतरी और शहरी में मामूली गिरावट

नई दिल्ली, 16 जून (वेब वार्ता)। देश में बेरोजगारी दर में मई महीने के दौरान मामूली गिरावट दर्ज की गई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के बीच बेरोजगारी दर घटकर 5.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 5.6 प्रतिशत थी। हालांकि, अप्रैल 2026 के 5.2 प्रतिशत की तुलना में इसमें हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो श्रम बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव को दर्शाती है।

यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों में दी गई। ये आंकड़े राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण पर आधारित हैं, जो देश में रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति का प्रमुख संकेतक माना जाता है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग रुझान

सर्वेक्षण के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर में वृद्धि दर्ज की गई है। मई में यह बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई, जबकि अप्रैल में यह 4.6 प्रतिशत थी। इसके विपरीत शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर में मामूली कमी आई है और यह घटकर 6.4 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 6.6 प्रतिशत थी। हालांकि, सालाना आधार पर शहरी बेरोजगारी में 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो कुछ हद तक सुधार का संकेत देती है।

श्रम बल भागीदारी दर में गिरावट

एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में श्रम बल भागीदारी दर घटकर 54.4 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 55 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 56.6 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 49.8 प्रतिशत रही।

सालाना आधार पर भी कुल श्रम बल भागीदारी दर में 0.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि कार्यबल में सक्रिय भागीदारी थोड़ी कम हुई है।

महिला श्रम बल भागीदारी में भी मामूली गिरावट देखी गई है। मई में यह 32.8 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष मई के 33.2 प्रतिशत से थोड़ी कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी 36.7 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह केवल 24.8 प्रतिशत दर्ज की गई।

रोजगार अनुपात में भी गिरावट

रोजगार में लगी आबादी के अनुपात में भी गिरावट देखी गई है। मई में यह घटकर 51.4 प्रतिशत पर आ गया, जो अप्रैल में 52.2 प्रतिशत और पिछले वर्ष मई में 51.7 प्रतिशत था।

ग्रामीण क्षेत्रों में 53.8 प्रतिशत रहा, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 46.6 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का स्तर अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन कुल मिलाकर रोजगार में हल्की कमी आई है।

श्रम बाजार में नरमी के संकेत

मंत्रालय ने अपने विश्लेषण में कहा है कि श्रम बल भागीदारी दर और रोजगार अनुपात में गिरावट तथा बेरोजगारी दर में वृद्धि यह संकेत देती है कि इस अवधि में श्रम बाजार में कुछ नरमी आई है। इसका अर्थ यह है कि रोजगार के अवसरों की उपलब्धता अपेक्षाकृत धीमी हुई है, जबकि श्रम बाजार में प्रवेश करने वाले लोगों की संख्या भी प्रभावित हुई है।

सरकार के अनुसार, मई महीने में यह स्थिति आंशिक रूप से मौसमी कारणों से भी जुड़ी हो सकती है, क्योंकि इस अवधि में कई क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां धीमी हो जाती हैं।

सर्वेक्षण का आधार और महत्व

यह आंकड़े सर्वेक्षण पर आधारित हैं, जिसमें पूरे देश से 3,73,887 लोगों से जानकारी एकत्र की गई। यह सर्वेक्षण देश में रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति का सबसे व्यापक और विश्वसनीय स्रोत माना जाता है।

जनवरी 2025 से इस सर्वेक्षण की पद्धति में बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब मासिक और तिमाही आधार पर नियमित आंकड़े जारी किए जा रहे हैं, जिससे श्रम बाजार की स्थिति को अधिक सटीक और त्वरित तरीके से समझा जा सके।

Image source: Pixels

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