हरिद्वार, 18 जून (वेब वार्ता)। गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस के अवसर पर हरिद्वार में सिख समाज द्वारा विभिन्न गुरुद्वारों में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। इस दौरान जगह-जगह छबील लगाकर लोगों को ठंडा शरबत और चने का प्रसाद वितरित किया गया, जिससे वातावरण सेवा और समर्पण की भावना से भर गया।
निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में अखंड पाठ की समाप्ति के बाद संगत के बीच प्रसाद वितरण किया गया। वहीं गोल गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और उन्होंने माथा टेककर गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। इस अवसर पर स्थानीय रागी जत्थों द्वारा शब्द कीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिससे संगत भावविभोर हो उठी।
ज्वालापुर स्थित गुरुद्वारे में विशेष दीवान सजाया गया, जिसमें भाई जगजीत सिंह, भाई मनोज सिंह और भाई संजय सिंह ने शब्द कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया। इस दौरान गुरुद्वारों में अखंड पाठ और सुखमनी साहिब पाठ का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे के परमाध्यक्ष संत जगजीत सिंह शास्त्री ने इस अवसर पर कहा कि गुरु अर्जुन देव ने धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने स्वर्ण मंदिर (अमृतसर) की नींव रखी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव ने मानवता, त्याग और आपसी भाईचारे का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने यह भी कहा कि सिख इतिहास में शहीदी का प्रथम दर्जा गुरु अर्जुन देव को प्राप्त है। सिख धर्म में सेवा भाव को सर्वोपरि माना गया है और गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर कई संतों और समाज के गणमान्य लोगों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रमों में भाग लेकर गुरु साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित की।

