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कुंभ-2027 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: हरिद्वार में संत सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री धामी

हरिद्वार, 22 जून।

हरिसेवा आश्रम के स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, संतों का लिया आशीर्वाद; गुरुद्वारा विवाद पर भी रखी सरकार की स्पष्ट राय

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हरिद्वार स्थित हरिसेवा आश्रम में आयोजित स्थापना दिवस समारोह एवं संत सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर देशभर से आए संत-महात्माओं, धार्मिक नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने संत समाज का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सशक्त बनाने में संतों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संत समाज के मार्गदर्शन और सहयोग से आगामी कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य, सुरक्षित और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कुंभ-2027 की तैयारियों पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाला कुंभ मेला देश और दुनिया से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र होगा। ऐसे में राज्य सरकार सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से विकसित करने में जुटी हुई है।

उन्होंने बताया कि कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए सड़क, पेयजल, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है।

गुरुद्वारा विवाद पर बोले मुख्यमंत्री

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में चर्चा में आए गुरुद्वारा विवाद पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती का सिख गुरुओं और सिख परंपरा से गहरा आध्यात्मिक संबंध रहा है। राज्य सरकार सभी धर्मों, संप्रदायों और समुदायों का समान सम्मान करती है तथा धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं होने दिया जाएगा। सरकार सामाजिक समरसता, भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।

बाबा रामदेव ने युवाओं से किया संस्कृति अपनाने का आह्वान

संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भारत की सनातन आध्यात्मिक परंपरा आज पूरे विश्व को दिशा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, योग, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना भारत की सबसे बड़ी शक्ति है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

संत समाज ने जताया सरकार पर भरोसा

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि संत समाज को विश्वास है कि राज्य सरकार कुंभ-2027 के सफल आयोजन के लिए गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं और कुंभ की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए संत समाज भी सरकार के साथ पूरा सहयोग करेगा।

कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, धर्माचार्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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