श्रीनगर, 20 जून। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), कीर्तिननगर, दुगड्डा-चौकी मार्ग, सड़क डामरीकरण कार्य, निर्माण गुणवत्ता और ग्रामीण शिकायतें जैसे प्रमुख मुद्दों के तहत क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य पर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की खुलकर अनदेखी की जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर डामरीकरण से पहले बिछाई गई परत मानक के अनुरूप नहीं है। इससे निर्माण कार्य की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विरोध करते हुए आक्रोश भी व्यक्त किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
पूर्व जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
पूर्व प्रधान Sunay Kukshal सहित स्थानीय निवासियों अरुण नेगी, तनुज बडोनी, शिवम बंगवाल, महावीर रौथाण, अनिल बड़ोनी और कलम सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर बिछाई गई कंकरीट परत जगह-जगह बिखर रही है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
डामरीकरण की गुणवत्ता पर भी सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां-जहां डामरीकरण किया गया है, वहां डामर की मोटाई और गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं है। इससे सड़क की दीर्घकालिक मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य से निकला मलबा आसपास के खेतों में डाला जा रहा है, जिससे कृषि भूमि को नुकसान पहुंच रहा है और किसानों में नाराजगी है।
ग्रामीणों की मांग—निष्पक्ष जांच हो
लोगों ने मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
विभागीय प्रतिक्रिया
इस मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, कीर्तिनगर के अधिशासी अभियंता Shivam Rawat ने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश पहले ही दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम को निरीक्षण के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में बढ़ा असंतोष
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।

