शिकागो, 19 जून। बराक ओबामा, ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर, शिकागो, डोनाल्ड ट्रंप, लोकतंत्र और मिशेल ओबामा उद्घाटन समारोह के दौरान चर्चा के केंद्र में रहे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शिकागो में अपने नाम पर बने ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक भागीदारी तथा सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना उनकी नीतियों और राजनीतिक दृष्टिकोण पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी की।
लोकतंत्र और समानता के आदर्शों पर दिया जोर
अपने भाषण में ओबामा ने अमेरिकी लोकतंत्र की मूल भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की स्थापना ऐसे आदर्शों पर हुई थी जहां किसी राजा, सामंत या अधीन नागरिक की अवधारणा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की ताकत नागरिकों की भागीदारी और समान अधिकारों में निहित है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी यह टिप्पणी हाल के महीनों में अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में आयोजित ‘नो किंग’ प्रदर्शनों और मार्चों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आव्रजन नीति पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी
ओबामा ने अपने संबोधन के दौरान मिनेसोटा के मिनियापोलिस शहर के निवासियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और बेहद ठंडे मौसम के बावजूद लोगों ने अपने पड़ोसियों और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आकर एकजुटता का परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि कई लोगों ने अपने व्यक्तिगत जोखिमों की परवाह किए बिना दूसरों की सहायता की, क्योंकि वे जानते थे कि यही सही और मानवीय कार्य है। इसे ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों पर एक अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
सेंटर को बताया लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक
ओबामा ने उम्मीद जताई कि नया प्रेसिडेंशियल सेंटर आने वाली पीढ़ियों को यह समझाने में मदद करेगा कि लोकतंत्र, नागरिक अधिकार और सार्वजनिक भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान केवल उनके राष्ट्रपति कार्यकाल का संग्रह नहीं होगा, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का भी माध्यम बनेगा।
शिकागो से जुड़ी निजी यादें साझा कीं
अपने भाषण में ओबामा ने शिकागो से जुड़े अपने शुरुआती दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1985 में वह 23 वर्ष की आयु में एक कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर के रूप में शिकागो आए थे। यहीं उन्होंने सामाजिक कार्यों में भाग लिया, अपने राजनीतिक जीवन की नींव रखी और बाद में अपनी पत्नी मिशेल ओबामा से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि शिकागो ने उनके जीवन और करियर को नई दिशा दी और यही कारण है कि इस शहर में प्रेसिडेंशियल सेंटर की स्थापना उनके लिए विशेष महत्व रखती है।
मिशेल ओबामा ने भी रखा अपना पक्ष
समारोह में मिशेल ओबामा ने भी संबोधन दिया। उन्होंने अपने पति की सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता, साहस और उपलब्धियों की सराहना की। मिशेल ने कहा कि अमेरिका की ताकत उसकी विविधता में है और किसी को भी यह तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि कौन अधिक अमेरिकी है और कौन नहीं।
कई पूर्व राष्ट्रपति रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Bill Clinton, George W. Bush और Joe Biden अपनी पत्नियों के साथ शामिल हुए। समारोह में हजारों लोगों ने भी भाग लिया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति Donald Trump को इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था। ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर शुक्रवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, जहां आगंतुक ओबामा के जीवन, राजनीतिक यात्रा और राष्ट्रपति कार्यकाल से जुड़े दस्तावेजों एवं प्रदर्शनों को देख सकेंगे।



