नई टिहरी, 23 जून।
चंबा-धरासू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने डंपिंग स्थलों के समतलीकरण की मांग, युवाओं के लिए खेल सुविधाएं विकसित करने और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने का सुझाव
चंबा-धरासू राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बनाए गए डंपिंग जोनों के उपयोग को लेकर स्थानीय स्तर पर नई मांग उठी है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़े कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इन डंपिंग स्थलों को खेल मैदान और सार्वजनिक पार्क के रूप में विकसित करने की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
डंपिंग जोनों के पुनर्विकास की उठी मांग
विहिप के विभाग मंत्री सुरम तोपवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि ऑल वेदर सड़क निर्माण के दौरान दिखोलगांव, गुल्डी, रामगढ़, रतनोगाड़ समेत कई स्थानों पर डंपिंग जोन बनाए गए थे। परियोजना का कार्य पूरा होने के वर्षों बाद भी इन स्थलों का समुचित उपयोग नहीं हो पाया है।
ज्ञापन में बताया गया कि डंपिंग क्षेत्रों में अब बड़ी मात्रा में झाड़ियां और वनस्पति उग चुकी हैं, जिससे ये स्थान उपेक्षित अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी झाड़ियों के कारण जंगली जानवरों को छिपने का स्थान मिल जाता है, जिससे विशेषकर रात के समय हाईवे से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों में भय का माहौल बना रहता है।
नशे की गतिविधियों पर भी जताई चिंता
स्थानीय प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई डंपिंग जोन असामाजिक तत्वों और नशे से जुड़ी गतिविधियों के अड्डे बनते जा रहे हैं। इससे आसपास के गांवों का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से इन स्थानों को व्यवस्थित कर जनहित में उपयोग करने की मांग की है।
युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का अभाव
ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पर्याप्त खेल सुविधाएं नहीं होने के कारण बच्चे और युवा सड़क किनारे या अन्य असुरक्षित स्थानों पर खेलने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि डंपिंग जोनों का समतलीकरण कर वहां खेल मैदान, ओपन जिम और पार्क विकसित किए जाएं। इससे युवाओं को सुरक्षित खेल सुविधाएं मिलेंगी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर भी प्राप्त होगा।
कई जनप्रतिनिधियों का मिला समर्थन
ज्ञापन पर प्रधान संगठन थौलधार के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह रावत, ग्राम प्रधान दिखोलगांव रेखा देवी, ग्राम प्रधान जुगड़ गांव संगीता देवी, रोबिन सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य कोट सपना देवी तथा जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि डंपिंग जोनों के पुनर्विकास की योजना बनाकर इन्हें सामुदायिक उपयोग के केंद्रों में बदला जाए, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और खेल विकास को नई दिशा मिल सके।

