हरिद्वार, 04 जुलाई। मानसून के आगमन के साथ लक्सर क्षेत्र में मगरमच्छ सहित वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार देर रात लक्सर के बाकरपुर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मगरमच्छ तालाब से निकलकर एक घर में घुस गया। घर के भीतर वन्यजीव को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया और बाद में उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
तालाब से निकलकर घर में पहुंचा मगरमच्छ
जानकारी के अनुसार बाकरपुर गांव निवासी फूल सिंह के घर के समीप स्थित तालाब से एक छोटा मगरमच्छ निकलकर घर के भीतर पहुंच गया। अचानक मगरमच्छ दिखाई देने से परिवार में दहशत का माहौल बन गया। कुछ ही देर में यह सूचना पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
हालांकि ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए मगरमच्छ के करीब जाने या उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद बचाव दल मौके के लिए रवाना हुआ।
वन विभाग ने चलाया रेस्क्यू अभियान
सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र गिरी के निर्देशन में वन विभाग की टीम बाकरपुर गांव पहुंची। वनकर्मी सुमित सैनी, गुरजंट और भोपाल ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया।
प्रशिक्षित टीम ने बिना किसी नुकसान के मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद वन विभाग ने मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
मानसून में बढ़ जाती हैं वन्यजीवों की गतिविधियां
वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र गिरी ने बताया कि बरसात के मौसम में नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे समय मगरमच्छ सहित कई वन्यजीव भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए मानसून के दौरान जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में मगरमच्छ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास करें।
विभाग का कहना है कि ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देना सबसे सुरक्षित विकल्प है। प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर वन्यजीव और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
बच्चों और ग्रामीणों को दी गई विशेष सलाह
वन विभाग ने मानसून के दौरान तालाबों, नहरों और नदी किनारे विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि बच्चों को जल स्रोतों के आसपास अकेले न जाने दें, क्योंकि बरसात में वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो जाती है।
वन अधिकारियों का कहना है कि समय पर सूचना और लोगों की जागरूकता से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। साथ ही वन्यजीवों का सुरक्षित संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकता है। मानसून के पूरे मौसम में विभाग ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।


