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यूपी में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, योगी-गडकरी ने की समीक्षा; निवेश, उद्योग और पर्यटन पर रहेगा बड़ा असर

लखनऊ, 13 जुलाई। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं को तेज गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। साथ ही भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को मिली नई गति

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। इस अवधि में लगभग 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया, जबकि 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच 606 किलोमीटर नई परियोजनाएं स्वीकृत हुईं और 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण पूरा किया गया। इन परियोजनाओं पर अब तक लगभग 1.94 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिनमें वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 23,445 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला है। बेहतर सड़क संपर्क से निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई गति मिलेगी तथा प्रदेश के संतुलित विकास को मजबूती मिलेगी।

निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर जोर

बैठक में मथुरा-बरेली-सितारगंज चार लेन परियोजना, आगरा-अलीगढ़ चार लेन मार्ग, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) संपर्क मार्ग तथा मुरादाबाद-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना सहित कई प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा।

पूर्वांचल और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा लाभ

बैठक में सोनौली-गोरखपुर चार लेन परियोजना, गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज सदर्न रिंग रोड और प्रयागराज-जौनपुर-आजमगढ़-दोहरीघाट मार्ग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं से भारत-नेपाल सीमा, पूर्वांचल, बिहार और बौद्ध पर्यटन सर्किट के बीच संपर्क बेहतर होगा।

अयोध्या रिंग रोड, रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग और 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को भी नई ऊर्जा देंगी।

पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर

बरेली बाईपास परियोजना के दौरान वृक्षों की कटान के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से वृक्षों के प्रत्यारोपण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

गडकरी ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सुरक्षित अभिकल्प, ब्लैक स्पॉट सुधार, आधुनिक संकेतक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए।

भविष्य की परियोजनाओं पर भी हुई चर्चा

बैठक में अयोध्या-गोंडा, रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग, शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित लगभग 742 किलोमीटर लंबे एक्सेस कंट्रोल्ड राजमार्ग, प्रयागराज में नैनी पुल के समानांतर नए पुल, विभिन्न रिंग रोड, बाईपास और चार लेन संपर्क परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाली सड़क सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं तय समय पर पूरी होंगी और उत्तर प्रदेश आधुनिक, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क वाले अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

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