इंदौर, 5 जुलाई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मध्य प्रदेश प्रवास के दौरान खंडवा जिले की प्रसिद्ध तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में स्थित ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने भावुक होकर बताया कि वर्ष 2003 में लिया गया देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का संकल्प अब ओंकारेश्वर में पूर्ण हो गया है।
सपत्नीक किया ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन
जानकारी के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त शनिवार रात ही ओंकारेश्वर पहुंच गए थे। उन्होंने देर रात अपनी पत्नी के साथ ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पंडित निलेश पुरोहित और पंडित सुधीर अत्रे ने अभिषेक एवं पूजन संपन्न कराया।
दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित शयन आरती में भी भाग लिया। रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह उन्होंने नर्मदा नदी का पूजन किया और पुनः मंदिर पहुंचकर विशेष अभिषेक एवं पूजा संपन्न की।
23 वर्षों बाद पूर्ण हुआ आध्यात्मिक संकल्प
दर्शन के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने वर्ष 2003 में सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का संकल्प लिया था, जो लगभग 23 वर्षों बाद ओंकारेश्वर में पूर्ण हुआ।
उन्होंने कहा कि यह क्षण उनके जीवन का अत्यंत भावुक और अविस्मरणीय अनुभव है। उन्होंने भगवान शिव की कृपा को इस संकल्प पूर्ति का कारण बताया।

अध्यात्म को जीवन का आधार बनाने की अपील
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अध्यात्म को स्थान देना चाहिए। उनके अनुसार अध्यात्म व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए समर्पण भाव से कार्य करें तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने में योगदान दें।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था रही चाक-चौबंद
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुव्यवस्थित किया गया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अगम जैन सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
महेश्वर के लिए हुए रवाना, किले का करेंगे भ्रमण
ओंकारेश्वर में दर्शन-पूजन के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त महेश्वर के लिए रवाना हो गए। वहां वे ऐतिहासिक देवी अहिल्याबाई होलकर के महल और महेश्वर किले का भ्रमण करेंगे।
यह यात्रा उनके मध्य प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास का हिस्सा है, जिसमें धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा शामिल है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी यात्रा
ओंकारेश्वर का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रति उच्च पदस्थ अधिकारियों की आस्था को भी दर्शाता है। नर्मदा तट पर स्थित यह तीर्थनगरी देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।


