जम्मू, 5 जुलाई। दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की वार्षिक यात्रा (अमरनाथ यात्रा 2026) के तहत रविवार तड़के जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं का एक नया विशाल जत्था रवाना हुआ। अधिकारियों के अनुसार, इस जत्थे में 6,700 से अधिक श्रद्धालु शामिल थे, जिन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी के लिए भेजा गया।
दो काफिलों में हुई यात्रा की शुरुआत
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं के इस जत्थे को दो अलग-अलग काफिलों में रवाना किया गया। पहला काफिला तड़के लगभग तीन बजे और दूसरा काफिला लगभग तीन बजकर चालीस मिनट पर जम्मू आधार शिविर से कश्मीर की ओर रवाना हुआ।
इस जत्थे में 1,310 महिलाएं और 22 बच्चे भी शामिल थे, जो आस्था और श्रद्धा के साथ यात्रा में भाग ले रहे हैं।
अब तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं घाटी
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जम्मू आधार शिविर से अब तक कुल 20,220 श्रद्धालु कश्मीर घाटी की ओर रवाना हो चुके हैं। उपराज्यपाल ने इस वर्ष की यात्रा का शुभारंभ दो जुलाई को जम्मू से किया था, जिसके बाद यह जम्मू से रवाना होने वाला चौथा बड़ा जत्था है।
तीन जुलाई से शुरू हुई 57 दिनों की वार्षिक अमरनाथ यात्रा के पहले दो दिनों में ही 26,000 से अधिक श्रद्धालु 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।
दो मार्गों से संचालित हो रही है यात्रा
अमरनाथ यात्रा इस वर्ष भी दो प्रमुख मार्गों से संचालित की जा रही है। इनमें अनंतनाग जिले का पारंपरिक लगभग 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले का लगभग 14 किलोमीटर छोटा बालटाल मार्ग शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं के काफिलों को दोनों मार्गों की ओर अलग-अलग आधार शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि यात्रा सुचारू रूप से जारी रह सके।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम के बीच यात्रा जारी
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। काफिलों को निर्धारित समय और सुरक्षित प्रोटोकॉल के तहत रवाना किया जा रहा है।
प्रशासन ने बताया कि बढ़ती भीड़ और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।
गैर-पंजीकृत श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रोक
प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ के कारण नौ जुलाई तक पंजीकरण स्लॉट पूरी तरह भर चुके हैं। ऐसे में गैर-पंजीकृत श्रद्धालुओं से यात्रा कुछ समय के लिए स्थगित करने की अपील की गई थी।
नई व्यवस्था के अनुसार, केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही कश्मीर की ओर जाने की अनुमति दी जा रही है। नए पंजीकरण कोटा उपलब्ध होने तक गैर-पंजीकृत श्रद्धालुओं को जांच चौकियों पर रोकने का निर्णय लिया गया है।
आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था का संतुलन
अमरनाथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रशासनिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की भी बड़ी परीक्षा मानी जाती है। लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी के बीच यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित करना प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनी हुई है।


