मुंबई, 15 जून
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और निवेशकों के बढ़े हुए भरोसे के चलते बीएसई सेंसेक्स 736 अंक की मजबूती के साथ तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ।
शुरुआती कारोबार में जोरदार उछाल
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,197 अंक की बढ़त के साथ खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय बाद यह 1,293 अंक तक चढ़ गया। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे इसकी बढ़त सीमित हो गई। अंततः सेंसेक्स 736.38 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। यह 25 मई के बाद का इसका सर्वोच्च स्तर है।
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 231 अंक यानी 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,853.90 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी का यह स्तर 27 मई के बाद का सबसे ऊंचा बंद स्तर माना जा रहा है।
शांति समझौते की खबर से बढ़ा निवेशकों का उत्साह
बाजार में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौता रही। दोनों देशों के बीच सहमति बनने की खबरों में कहा गया है कि लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर हमले बंद किए जाएंगे तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को भी फिर से पूरी तरह खोलने पर सहमति बनी है। इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में आयोजित एक औपचारिक समारोह में हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।
इस खबर के बाद दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। निवेशकों ने इसे वैश्विक आर्थिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया, जबकि भारतीय रुपये में मजबूती दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी
घरेलू बाजार में केवल प्रमुख सूचकांक ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.36 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
क्षेत्रीय सूचकांकों की बात करें तो रियल्टी सेक्टर सबसे अधिक चमका और इसका सूचकांक चार प्रतिशत से ज्यादा उछल गया। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) क्षेत्र में लगभग तीन प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाएं, धातु तथा तेल एवं गैस क्षेत्रों के सूचकांकों में भी एक से तीन प्रतिशत तक की मजबूती देखने को मिली।
एनएसई में कारोबार करने वाली 3,453 कंपनियों में से 2,510 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 830 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 113 कंपनियों के शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
सेंसेक्स में ट्रेंट और इंडिगो सबसे आगे
सेंसेक्स की 30 में से 22 कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। सबसे अधिक लाभ ट्रेंट के शेयर में रहा, जो 5.35 प्रतिशत चढ़ गया। इसके अलावा इंडिगो 3.59 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 3.58 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 3.29 प्रतिशत, इटरनल 3.26 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 3.25 प्रतिशत तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा 3.01 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।
लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का शेयर 2.99 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 2.69 प्रतिशत, टाइटन 2.27 प्रतिशत और इंफोसिस 1.68 प्रतिशत बढ़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, आईटीसी और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए।
कुछ दिग्गज शेयरों में रही कमजोरी
बाजार में व्यापक तेजी के बावजूद कुछ प्रमुख शेयर दबाव में रहे। एनटीपीसी का शेयर 1.64 प्रतिशत टूट गया। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों का भी मिला समर्थन
एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक 4.99 प्रतिशत की बड़ी बढ़त के साथ बंद हुआ। चीन का शंघाई कंपोजिट 1.61 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.50 प्रतिशत मजबूत रहा।
यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान उत्साह दिखाई दिया। जर्मनी का डैक्स सूचकांक 1.30 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता देखा गया। वैश्विक स्तर पर बने इस सकारात्मक माहौल ने भारतीय शेयर बाजार की तेजी को और मजबूती प्रदान की।



