बैंकॉक, 13 जुलाई। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के चटुचक क्षेत्र स्थित एक भीड़भाड़ वाले पब में रविवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 63 अन्य घायल हो गए। घायलों में 22 की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अधिकांश लोगों की मौत आग की लपटों से नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई।
प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि शुरुआती जांच में स्टेज के पास लगे सर्किट ब्रेकर से पहले धुआं निकलने की बात सामने आई है। इसके कुछ ही क्षण बाद बिजली आपूर्ति ठप हो गई और तेज धमाके के साथ आग तेजी से फैल गई। घटना के दौरान पब में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग बाहर निकलने के लिए भागने लगे।
आपातकालीन निकास के पास मिले कई शव
बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट ने बताया कि आग कुछ ही मिनटों में छत तक फैल गई। राहत दल को कई शव आपातकालीन निकास द्वार के पास मिले, जिससे आशंका जताई जा रही है कि निकास मार्ग किसी कारणवश अवरुद्ध था। यदि निकास मार्ग पूरी तरह खुला होता, तो संभवतः कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
बचाव कार्य में भी आई बाधाएं
बैंकॉक महानगरीय प्रशासन के आपदा रोकथाम एवं शमन विभाग के निदेशक सुरियाचाई राविवान के अनुसार, दमकलकर्मियों को पब के भीतर प्रवेश करते समय रास्ते में मेज और कुर्सियां रखी मिलीं। इससे राहत एवं बचाव अभियान प्रभावित हुआ और घायलों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। दमकल विभाग ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई भयावह घटना
लाओस से आए पर्यटक कान कुतिरत ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले स्टेज के पास धुआं उठते देखा। इसके तुरंत बाद पूरे पब में भगदड़ मच गई। उन्होंने एक महिला को बाहर निकालने में सफलता हासिल की, लेकिन धुएं और आग की तीव्रता के कारण अन्य लोगों तक पहुंचना संभव नहीं हो सका।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद थाईलैंड में बार और नाइटक्लबों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वर्ष 2022 में चोनबुरी प्रांत के माउंटेन बी नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हुई थी, जबकि वर्ष 2009 में बैंकॉक के सांतिका क्लब में नववर्ष समारोह के दौरान लगी आग में 67 लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं के बावजूद सुरक्षा मानकों के प्रभावी पालन को लेकर लगातार चिंताएं बनी हुई हैं।
विस्तृत जांच शुरू
अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य फोकस आग लगने के वास्तविक कारण, विद्युत प्रणाली की स्थिति, आपातकालीन निकास व्यवस्था तथा सुरक्षा नियमों के पालन पर रहेगा। प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


