पिथौरागढ़, 09 जुलाई। उत्तराखंड सरकार की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाली दो महत्वपूर्ण योजनाओं—मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम—के तहत वर्ष 2026-27 के लिए पिथौरागढ़ जिले में 500 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें ट्रायल की तिथियों, चयन प्रक्रिया और आवश्यक दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोनों योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
उदीयमान खिलाड़ी योजना में 300 खिलाड़ियों का चयन
जिला क्रीड़ा अधिकारी अनूप बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 300 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इनमें 150 बालक और 150 बालिकाएं शामिल होंगी।
चयनित खिलाड़ियों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। वर्ष 2022-23 से संचालित इस योजना के माध्यम से अब तक जिले के 1,198 खिलाड़ी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना का उद्देश्य कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें खेलों में आगे बढ़ाना है।
खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम में मिलेगी छात्रवृत्ति और उपकरण सहायता
मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के 200 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इसमें 100 बालक और 100 बालिकाओं को अवसर मिलेगा।
चयनित खिलाड़ियों को प्रतिमाह 2,000 रुपये की छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए प्रतिवर्ष 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वर्ष 2023-24 से संचालित इस योजना के तहत अब तक 579 खिलाड़ी लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
जानिए कब होंगे चयन ट्रायल
बैठक में चयन ट्रायल का विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया गया।
मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत विद्यालय स्तर पर चयन ट्रायल 14 और 15 जुलाई को आयोजित होंगे। न्याय पंचायत स्तर पर 20 और 21 जुलाई, नगर निकाय एवं विकास खंड स्तर पर 23 से 25 जुलाई तथा जिला स्तर पर 27 से 29 जुलाई तक ट्रायल कराए जाएंगे।
वहीं मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम के चयन ट्रायल 3 अगस्त 2026 से नगर निकाय और विकास खंड स्तर पर शुरू होंगे।
पारदर्शी होगी पूरी चयन प्रक्रिया
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाए।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर होने वाले प्रत्येक चयन ट्रायल की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही चयन समितियों के सभी सदस्यों को परिचय पत्र जारी करने और शिकायतों के निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य, सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएंगे क्यूआर कोड
बैठक में बताया गया कि दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र खिलाड़ियों को खेल विभाग के पोर्टल पर समय से ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
इस उद्देश्य से जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, तहसीलों, विकास खंड कार्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर क्यूआर कोड युक्त सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि खिलाड़ी आसानी से पंजीकरण कर सकें।
इन खेलों में होगा चयन
उदीयमान खिलाड़ी योजना के तहत खिलाड़ियों का चयन निर्धारित शारीरिक दक्षता परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। इसमें 6×10 शटल रन, 30 मीटर दौड़, आगे झुकाव परीक्षण, मेडिसिन बॉल फेंक, 600 मीटर दौड़ और स्टैंडिंग ब्रॉड जंप जैसे परीक्षण शामिल हैं।
वहीं मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, जूडो, कराटे, बैडमिंटन, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी, टेबल टेनिस और कबड्डी सहित 12 खेलों में चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे।
ये दस्तावेज होंगे आवश्यक
जिला क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि प्रतिभागियों को आधार कार्ड, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक की स्वप्रमाणित प्रति प्रस्तुत करनी होगी। खिलाड़ियों की आयु का निर्धारण 1 जुलाई 2026 को आधार मानकर किया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, पुलिस उपाधीक्षक जी.बी. जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण पंत, जिला युवा कल्याण अधिकारी डॉ. जगदीश नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, खेल समन्वयक और प्रशिक्षक मौजूद रहे। जनपद से बाहर तैनात अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।


